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जानिए क्या सीजेरियन-नॉर्मल डिलीवरी से बेहतर विकल्प है वाटर बर्थ डिलीवरी?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 24, 2019

जानिए क्या सीजेरियन नॉर्मल डिलीवरी से बेहतर विकल्प है वाटर बर्थ डिलीवरी
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

मॉडल-एक्ट्रेस ब्रूना अब्दुल्ला ने हाल ही में अपनी बेटी को जन्म दिया है। मां बनने के अपने अनुभव को ब्रूना ने जैसे ही सोशल मीडिया पर शेयर किया उसके बाद से ही उनकी भरपूर प्रशंसा हो रही है। दरअसल ब्रूना ने वॉटर बर्थ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पानी के अंदर अपनी बेटी को जन्म दिया है। ब्रूना ने जानकारी देते हुए बताया है कि कैसे उन्होंने संपूर्ण प्राकृतिक तरीके से पानी के अंदर अपने बच्चे को जन्म दिया। अब आप भी जरूर जानना चाहेंगी कि वाटर बर्थ डिलीवरी क्या और कैसे होती है? तो चलिए इस ब्लॉग में हम आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर ये वाटर बर्थ क्या होती है और ये आपके होने वाले शिशु के लिए कितनी सुरक्षित है। 

सबसे पहले बात ब्रूना की, उन्होंने अपने पति और बेटी के साथ फोटो शेयर करते हुए कहा है कि शिशु को जन्म देने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे बच्चे को पानी के अंदर ही जन्म देंगी। इसके पीछे उनकी ये सोच थी कि वे चाह रही थीं कि उनका बच्चा दुनिया में बिना किसी दवा की मदद के आए। ब्रूना ने बताया कि उन्होंने बच्चे को गर्म पानी के अंदर अपनी मां, पति और डॉक्टर की सहायता से जन्म दिया। शिशु को जन्म देने से पहले वे नियमित रूप से एक्सरसाइज करती रहीं, संतुलित मात्रा में भोजन करती रहीं और मेडिटेशन भी उनकी रूटीन में शामिल था।

क्या होती है वाटर बर्थ डिलीवरी? / What Is Water Birth Delivery In Hindi
 

आपने सिजेरियन डिलीवरी या नॉर्मल डिलीवरी के बारे में तो जरूर सुना होगा। वॉटर बर्थ डिलीवरी भी एक तरह से नॉर्मल डिलीवरी की ही नवीनतम प्रकार है, जिसके जरिए प्रसव के दौरान होने वाली पीड़ा को कम किया जा सकता है।

  1. वॉटर बर्थ डिलीवरी के दौरान प्रसव के समय में मां को दर्द का एहसास कम होता है
     
  2. अध्ययन के मुताबिक वॉटर बर्थ डिलीवरी के दौरान नॉर्मल डिलीवरी से तकरीबन 40 फीसदी कम दर्द की अनुभूति होती है। 
     
  3. गर्म पानी के संपर्क में आने से टिश्यू बहुत मुलायम हो जाता हैं और इसके चलते योनि में होने वाले खिंचाव भी कम हो जाते हैं।
     
  4. प्रसव के समय में गर्म पानी में रहने की वजह से महिला के शरीर में तनाव भी काफी कम हो जाता है।
     
  5. वाटर बर्थ डिलीवरी के समय में मां के शरीर को एक गर्म पानी के टब में रखा जाता है और शिशु का जन्म भी उसी गर्म पानी में होता है।
     
  6. आप इसको ऐसे समझिए कि इसके लिए एक गुनगुने पानी का पूल बनाया जाता है। इस पूरे पूल का टेम्परेचर एक जैसा रखने के लिए इसमें बहुत सारे उपकरणों की मदद ली जाती है। किसी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए भी उपकरणों की मदद ली जाती है। इस बर्थिंग पूल की क्षमता तकरीबन 400 लीटर के आसपास होती है और ये पूल तकरीबन ढ़ाई से 3 फीट के आसपास का हो सकता है।
     
  7. प्रसव पीड़ा के शुरू होने के तकरीबन 3 से 4 घंटे के बाद डॉक्टर की सलाह के बाद इस पूल में महिला को ले जाया जाता है।
     
  8. गर्म पानी में होने की वजह से मां के शरीर में ज्यादा मात्रा में एंड्रोफिन हॉर्मोन रिलीज होती है और इस वजह से पीड़ा बहुत कम हो जाती है। इसलिए पेन किलर या अन्य दवा देने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
     
  9. गर्म पानी के अंदर रहने की वजह से प्रसव के दौरान मां का ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

वाटर बर्थ डिलीवरी के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतें / What precautions should you take for a water birth In Hindi?

अपने देश में सबसे पहली बार इस तरीके से प्रसव राजस्थान में मीनाक्षी सिसोदिया का हुआ था। वॉटर बर्थ डिलीवरी के विकल्प को अपनाने से पहले आपको निम्मलिखित सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।

  1. अगर आप 18 साल से कम उम्र की हैं या फिर अगर आपकी उम्र 35 साल से अधिक है तो आपको इस ऑप्शन के बारे में विचार नहीं करना चाहिए।
     
  2. अगर आप प्रीएक्लेंपिसीया या डाइबिटीज जैसी समस्याओं से ग्रसित हैं तब आप के लिए यह सुरक्षित नहीं
     
  3. अगर आप जुड़वां बच्चे की मां बनने वाली हैं तब भी यह सुरक्षित नहीं
     
  4. अगर बेबी प्रीमैच्योर हो तब इस विकल्प से बचें
     
  5. .बिना डॉक्टर की निगरानी के इस विकल्प को ना आजमाएं और यह भी ध्यान रखें कि इसको किसी साधारण टब में नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इसके लिए विशेष प्रकार के इंतजाम किए जाते हैं।
     
  6.  अगर आप पहले से ही किसी प्रकार के संक्रमण से पीड़ित हैं तब आपको परहेज करना चाहिए
     
  7. मां का पूरी तरह से स्वस्थ होना चाहिए
     
  8. डिहाईड्रेशन से बचने के लिए इस दौरान बीच-बीच में पानी जरूर पीते रहें

क्या वॉटर बर्थ डिलीवरी के दौरान जोखिम भी हो सकते हैं?/ What Are the Dangers of Water Birth In Hindi?

  • आप या आपका शिशु किसी प्रकार के संक्रमण का शिकार हो सकता है
  • इस प्रक्रिया के दौरान शिशु को सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं
  • शिशु के शरीर का तापमान या तो बहुत उच्च या बहुत कम हो सकता है

वॉटर बर्थ डिलीवरी के दौरान कुछ समस्याएं हो सकती हैं इसलिए ये सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में ही इस प्रक्रिया को अपनाएं।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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