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लॉकडाउन खुल जाने के बाद भी आपकी जिंदगी में ये 10 बड़े बदलाव आ सकते हैं

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 12, 2020

लॉकडाउन खुल जाने के बाद भी आपकी जिंदगी में ये 10 बड़े बदलाव आ सकते हैं
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

सरकार अगर लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान भी कर दे तो क्या हमारी जिंदगी पहले की तरह फिर से सामान्य हो जाएंगी? इसका जवाब स्पष्ट तरीके से तो नहीं दिया जा सकता है लेकिन विशेषज्ञों की राय के मुताबिक फिलहाल की परिस्थितियों को देखते हुए तो ना में ही जवाब है। देर-सवेर सरकार लॉकडाउन को पूरी तरह हटा ही देगी लेकिन इसके बाद आपके जीवन में किस तरह के परिवर्तन हो सकते हैं इसके बारे में हम यहां इस ब्लॉग में चर्चा करेंगे।

लॉकडाउन के बाद स्कूल-कॉलेज में मौजूदा व्यवस्था में हो सकते हैं बदलाव

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूलों के लिए नए गाइडलांस तैयार कर रहे हैं। लॉकडाउन के बाद जब कभी स्कूल खुलेंगे तो आपके बच्चे को स्कूल के नियम कुछ बदल-बदले से नजर आ सकते हैं।

  • स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के द्वारा स्कूलों के लिए नए गाइडलाइंस बनाए जा रहे हैं।

  • छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भरपूर ध्यान रखा जाएगा

  • क्लास रूम में छात्रों के बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किए जा सकते हैं।

  • मौजूदा समय में स्कूलों में एक क्लास रूम में तकरीबन 30 से 40 बच्चे बैठते हैं। इसके अलावा स्कूलों में छात्र अपनी सीट और टेबल भी एक दूसरे के साथ साझा करते हैं। कुछ  स्कूलों में एक ही टेबल पर 3 से 4 बच्चे साथ शेयर करते हैं।

  • लॉकडाउन के बाद सीटिंग एरेंजमेंट में तो परिवर्तन किए ही जा सकते हैं इसके अलावा पहले की तरह क्लासरूम को संचालित करना भी मुश्किल हो सकते हैं इसलिए नई गाइडलाइंस के मुताबिक स्कूलों को क्लासरूम को संचालित करना पड़ सकता है

  • छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए गाइडलाइंस में स्कूलों के लिए चेकलिस्ट भी बनाया जा सकता है जिसमें छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकताएं दी जा सकती हैं। 

  • ऑनलाइन क्लासेज पर आने वाले दिनों में ज्यादा जोर दिया जा सकता है

  • डिजिटल माध्यम से होमवर्क कराए जा सकते हैं।

  • स्कूलों में कराए जाने वाले स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में भी पहले के मुकाबले ज्यादा सावधानियां बरते जाएंगे। 

मास्क-सेनेटाइजर-साबुन रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल- आप इस बात को गांठ बांधकर रख लें कि सरकार अगर लॉकडाउन हटा भी लेती है तो इसका मतलब ये कतई नहीं कि कोरोना वायरस से मुक्ति मिल गई है। लोग अब जागरुक हो चुके हैं और इसलिए वे मास्क, सेनेटाइजर-साबुन इत्यादि को इस्तेमाल करने की जो आदत बन चुकी है उसको वे आगे भी कंटीन्यू करेंगे। एक्सपर्ट का भी यही मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा आने वाले कुछ महीनों तक और बना रह सकता है तो ये जरूरी है कि हम इससे बचाव के उपायों का पालन नियम पूर्वक करते रहें। 

नकदी का इस्तेमाल कम, ऑनलाइन पेमेंट पर ज्यादा जोर- आने वाले दिनों में नकदी का इस्तेमाल लोग कम कर सकते हैं। एटीएम का इस्तमाल करते समय में भी बहुत सावधानियां रखनी पड़ती है इसलिए लोग अब डिजिटल पेमेंट के माध्यमों का ज्यादा प्रयोग कर सकते हैं। 

यात्रा का प्लान कुछ दिनों के लिए स्थगित- गर्मी की छुट्टियों में या फिर सर्दी की छुट्टियों में लोग अपने परिवार व बच्चों के संग कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाया करते थे लेकिन अब लॉकडाउन के खुलने के बाद भी कोरोना वायरस का खतरा बना ही रहेगा इसलिए फिलहाल कुछ महीनों के लिए लोग आपातकालीन परिस्थितियों में ही एक शहर से दूसरे शहर जाने का या घूमने के लिए जाएंगे उसमें भी बच्चों के साथ जाने से वे परहेज ही करेंगे।

साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना-  लॉकडाउन ने एक तरह से हम सबके अंदर कुछ नई आदतें डाल दी हैं। हालांकि हम लोग पहले भी साफ-सफाई का ध्यान रखते थे लेकिन अब हम इसे अपनी आदतों में डाल चुके हैं। बच्चों के बीच भी साफ-सफाई के प्रति बहुत ज्यादा जागरुकता देखने को मिल रही है। लोग अब इधर-उधर थूकने से परहेज रखेंगे। घर में अगर कहीं गंदगी फैली हुई है तो उसको साफ करने में बच्चे भी सहयोग करेंगे।

खान-पान में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले प्राकृतिक तरीकों की वापसी- आयुष मंत्रालय के सुझावों के मुताबिक अब लोग अपने खान-पान की आदतों में भी वैसे प्राकृतिक चीजों को शामिल कर सकते हैं जो हमारे शरीर की इम्यूिनिटी पावर को बढ़ा सकते हैं। जैसे की दूध में हल्दी मिलाकर सेवन करना या गर्म पानी से दिन की शुरुआत करना। अदरक-लहसुन, नींबू जैसे वस्तुओं को लोग पहले भी सेवन करते थे लेकिन अब इसको लोग अपनी आदतों में शुमार कर सकते हैं।

परिवार के लिए समय देने की आदत- कोरोना क्राइसिस से पहले हम लोग न चाहते हुए भी अपने काम-काज की व्यवस्तता का हवाला दे दिया करते थे। कुछ तो ऐसे भी लोग होंगे जो फैमिली को पूरा समय नहीं दे पाते थे लेकिन अब लॉकडाउन की वजह से हम सभी लोग परिवार के साथ पूरा समय बीता रहे हैं। अच्छी बात ये है कि अब ये सभी बातें हमारे व्यवहार में शामिल होते जा रहे हैं। लॉकडाउन के बाद भी लोग अपने इन पलों की अहमियत को समझेंगे व परिवार-बच्चे के साथ तमाम व्यस्तताओं के बावजूद समय बिताना पसंद करेंगे।

सिगरेट-तंबाकू व अन्य नशा करने की आदतों में हो सकता है बदलाव- ज्यादातर लोग किसी ना किसी व्यसन के आदी होते हैं। किसी को सिगरेट पीने की लत तो किसी को पान मसाला खाने की लत। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जिन्हें रोजाना शराब का सेवन करने की लत है। इसका बुरा असर बच्चों के ऊपर भी पड़ता है। लॉकडाइन के दौरान तकरीबन इन डेढ महीनों में सिगरेट-तंबाकू शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ था। लॉकडाउन के इस समय में उनका घर ही नशा मुक्ति केंद्र बन गया। उम्मीद की जा सकती है कि लॉकडाउन के बाद ऐसे लोग अपनी इन लतों को कम करने या पूर्ण रूप से छोड़ने का भी प्रयास कर सकते हैं। 

भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचेंगे- लॉकडाउन के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग की आदत को लोग जारी रखेंगे। इसलिए ये उम्मीद की जाती है कि फिलहाल आने वाले कुछ महीनों तक लोग भीड़ भाड़ वाली जगहों जैसे कि बाजार व मेले में जाने से बचेंगे। अगर वे जाते भी हैं तो वे उचित दूरी का पालन करेंगे। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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