• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
गर्भावस्था

कब और क्यों जाए आइवीएफ ट्रीटमेंट के लिये?

Anubhav Srivastava
गर्भावस्था

Anubhav Srivastava के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 27, 2020

कब और क्यों जाए आइवीएफ ट्रीटमेंट के लिये
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

आइवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन। नि:संतान दंपतियों के लिए इस तकनीक को एक वरदान के रूप में देखा जा रहा है। इस तकनीक के जरिए महिला में कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है। यह बांझपन दूर करने की कारगर तकनीक मानी जाती है। इस प्रक्रिया में किसी महिला के अंडाशय से अंडे को अलग कर उसका संपर्क द्रव माध्यम में शुक्राणुओं से कराया जाता है। इसके बाद निषेचित अंडे को महिला के गर्भाशय में रख दिया जाता है। इसका प्रयोग वे महिलाएं भी कर सकती हैं जिनमें रजोनिवृत्ति हो चुकी है, और फैलोपियन ट्यूब बंद हो चेके हैं। इस प्रकार ये सुविधा एक वरदान सिद्ध होती है | ..
 

कब और क्यों करवाना चाहिये आइवीएफ?/ When to consider IVF | Pregnancy Birth and Baby In Hindi

 1. सालों से प्रयास कर रही हैं --  जो लोग कंसीव करने के लिये 2 साल से भी ज्‍यादा प्रयास कर रहें हैं, या जिन महिलाओं की ट्यूब ब्‍लॉक हो चुकी हैं या फिर वे पुरुष जिनका र्स्‍पम काउंट बिल्‍कुल कम है, केवल उन्‍हें ही इस ट्रीटमेंट को करने की सलाह दी जाती है।

2. उम्र ज्यादा हो गयी है -- अगर आपकी उम्र 20 वर्ष की है तो आपके पास अभी बहुत सा समय है ये सुनिश्चित करने का कि आपको टेस्‍ट ट्यूब बेबी चाहिये या नहीं। आम तौर पर 30 की उम्र में फर्टिलिटी की समस्‍या पैदा होती है। अगर आप अपने चालीसवे साल के नजदीक हैं तो आपको अपना फैसला जल्‍द लेना होगा। साथ ही यह बात इस पर भी निर्भर करती है कि आप मेनोपॉज के कितने नजदीक हैं।

3.जब आपकी ट्यूब ब्‍लॉक हैं -- यह ट्रीटमेंट वह महिलाएं भी करवाती हैं जिनकी फैलोपियन ट्यूब बंद हो चेकर हैं, लेकिन इसकी बजाय आप कई दूसरे उपाय भी आजमा सकती हैं। आजकल अन्‍य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट जैसे की सर्जरी या फिर माइक्रो सर्जरी भी उपलब्‍ध है जो कि ब्‍लॉकेज को साफ कर देता है।

4.अगर आपके अंडे बहुत पुराने हो गए हैं --जब एक बच्‍ची पैदा होती है तब उसकी ओवरी में पूरे अंडे होते हैं। यह अंडे हर महीने एक-एक कर के बड़े होते हैं। इसलिये अगर आप 40 साल की है तो आपके अंडे 40 साल पुराने होंगे और निष्‍फल होंगे।

5. अगर आपने कृत्रिम गर्भाधान के बारे में प्रयास नही किया है-- अगर आकपे पाटर्नर में र्स्‍पम काउंट कम हैं तो आप पहले आइवीएफ ना करवा कर आर्टिफीशियल इनसेमिनेशन करवा सकती हैं उसके  बाद आपको आइवीएफ करवाने कि जरुरत है या नही ये पता लग जयेगा । इसका खर्चा भी आइवीएफ से बहुत कम होता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 1
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Jul 23, 2020

Best information

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

टॉप गर्भावस्था ब्लॉग

Sadhna Jaiswal

आज के दिन के फीचर्ड कंटेंट

गर्भावस्था

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}