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स्वास्थ्य गर्भावस्था

प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है दांतों की सही देखभाल?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Oct 05, 2021

प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है दांतों की सही देखभाल
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान महिलाओं पर दोहरी जिम्मेदारी आ जाती है। एक जिम्मेदारी खुद को स्वस्थ रखने की तो दूसरी जिम्मेदारी गर्भ में पल रहे बच्चे को भी ठीक रखने की। गर्भवती (Pregnant) महिलाएं इस पर ध्यान भी देती हैं। वह अपने खान-पान के साथ-साथ अन्य सावधानियां भी बरतती हैं, लेकिन इस दौरान एक चीज पर अधिकतर गर्भवती का ध्यान नहीं देतीं और वे इसे नजरअंदाज भी करती हैं और यह एक चीज है मुंह और दांतों (Teeth) की सफाई। आपको यह समझना होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान दांतों की सही देखभाल व मुंह की स्वच्छता बहुत जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार आरामदायक डिलिवरी व स्वस्थ बच्चे के लिए ओरल हेल्थ (Oral Health) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर प्रेग्नेंसी में दांतों की सही देखभाल (Teeth care and pregnancy) क्यों जरूरी है और किस तरह आप इनकी देखभाल कर सकती हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान कैसे करें दांतों की देखभाल?

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं। इनकी वजह से मसूड़ों व दांतों की समस्या भी होती है। ऐसे में दांतों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आपके मुंह व दांतों की सफाई न केवल आपको बल्कि गर्भ में पल रहे आपके बच्चे को भी स्वस्थ रखेगी। आइए जानते हैं क्यों प्रेग्नेंसी में दांतों की देभाल जरूरी है।

- कई रिसर्च में ये सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों (Gums) की बीमारियों के कारण बच्चे के समय से पहले जन्म की आशंका बढ़ जाती है। इससे आपके बच्चे (Baby) का वजन (Weight) भी कम हो सकता है। यही नहीं प्रीमैच्योर बच्चे के साथ ब्रेन इंजरी, कमजोर आंखों की रोशनी व अन्य समस्याएं रहती हैं। रिसर्च के अनुसार 100 में 18 प्रीमैच्योर डिलिवरी (समय से पहले बच्चे का जन्म) मां के दांतों (मसूड़ों) की समस्या की वजह से होती है।   

- जैसा कि हमने ऊपर बताया कि एक गर्भवती का ओरल हेल्थ उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ से भी जुड़ा होता है। जब किसी गर्भवती के मुंह में बहुत अधिक बैक्टीरिया (Bacteria) बनने लगता है तो यह उसके मसूड़ों से रक्तप्रवाह में घुसकर गर्भाशय तक पहुंच जाता है और वहां प्रोस्टाग्लैंडिंस नाम के केमिकल के उत्पादन को जगाता है। यह समय से पहले बच्चे के जन्म का कारण बन सकता है।

- मां के मुंह से बैक्टीरिया नए जन्मे बच्चे तक भी पहुंच सकता है। इससे बच्चे को भी कई तरह की परेशानी हो सकती है।

- गर्भावस्था के दौरान हार्मोन्स में बदलाव की वजह से गर्भवती को दांत से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं। इसमें मसूड़ों की समस्या सबसे अहम है। मसूड़ों की समस्या में भी जिंजिवाइटिस (gingivitis, मसूड़ों का संक्रमण) सबसे आम है। यह सेकंड ट्रइमेस्टर (दूसरी तिमाही) में होता है। इसमें मसूड़ों में सूजन व खून निकलने लगता है।

- इसके अलावा इस अवस्था में पेरियोडोंटल डिजीज (periodontal disease) (दांत का समर्थन करने वाली संरचनाओं में भी संक्रमण होने लगता है। इससे दांत झड़ जाते हैं।

- क्योंकि गर्भावस्था में दांतों में पीलापन बढ़ जाता है और प्लाक जमा हो जाता है। ऐसे में दांत कमजोर होने की आशंका रहती है। कुछ महिलाओं में बच्चे के जन्म के बाद भी यह समस्या बनी रहती है।

- गर्भ में जब बच्चा विकसित होने लगता है, तो वह सबसे पहले मां के शरीर से ही कैल्शियम लेता है। इससे मां के शरीर में इसकी कमी होने लगती है। इस कमी से दांत भी प्रभावित होते हैं। कैल्शियम के अभाव में दांत और मसूड़े दोनों कमजोर होने लगते हैं। इसलिए दांतों की देखभाल जरूरी हो जाती है।

- प्रेग्नेंसी में हार्मोन की वजह से पेट में भोजन को रखने वाली मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इससे गैस्ट्रिक रिफ्लक्स (भोजन या पेय का फिर से सेवन) या मॉर्निंग सिकनेस से जुड़ी उल्टी आपके पेट के मजबूत एसिड को ढंक सकती है। बार-बार रिफ्लक्स व उल्टी दांतों की सतह (दालचीनी) को नुकसान पहुंचा सकती है।

 

प्रेग्नेंसी के दौरान दांतों की देखभाल में इन 8 बातों का जरूर रखें ध्यान

ऊपर हमने आपको बताया कि क्यों दांतों का सही से देखभाल जरूरी है। अब हम बताएंगे कि आखिर किस तरह से आप अपने दांतों को स्वस्थ रख सकते हैं।

1. ब्रश करके – अगर आप गर्भवती हैं तो आपको दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए। इसके अलावा रोगाणुरोधी माउथवॉश का इस्तेमाल करना चाहिए। ब्रश हल्के से करें। मॉर्निंग सिकनेस की वजह से अगर ब्रश करने का मन नहीं करता है, तो आप हल्के टेस्ट वाले टूथपेस्ट का सहारा भी ले सकती हैं। 

2. कुल्ला व फ्लॉस करें - हर बार खाने के बाद मुंह को अच्छे से साफ करें। कुल्ला करना न भूलें। दांतों को फ्लॉस जरूर करें। इससे आपके दांतों के बीच फंसी गंदगी निकल जाती है। 

3. प्रोसेस्ड चीजों से परहेज करें – डॉक्टर प्रेग्नेंसी में महिलाओं को प्रोसेस्ड चीजों से दूर रहने की सलाह देते हैं। दरअसल इस अवस्था में गर्भवती को मिठाइयां, टॉफी और चॉकलेट खाने की इच्छा होती है, लेकिन यह नुकसानदायक हो सकता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया चीनी को खतरनाक एसिड में बदल देते हैं जो दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा आपको मैदे से बने फूड्स से भी दूरी बनानी चाहिए।

4. अधिक मात्रा में लें कैल्शियम – प्रेग्नेंसी में आपको कैल्शियम की मात्रा ज्यादा से ज्यादा लेनी चाहिए। यह न सिर्फ आपके दांतों को मजबूत व स्वस्थ रखेगा, बल्कि इससे हड्डियां भी मजबूत होंगी। यही वजह है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है।

5. फ्लोराइड न हो अधिक – वैसे तो फ्लोराइड दांतों व मसूड़ों की मजबूती प्रदान करता है, लेकिन इसकी अधिकता आपके दांतों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप इस बात का ध्यान रखें कि टूथपेस्ट व माउथवॉश में फ्लोराइड अधिक न हो।

6. स्वस्थ व संतुलित आहार लें – गर्भावस्था में स्वस्थ व संतुलित आहार दांत के साथ-साथ आपकी सेहत को भी ठीक रखता है। यहां यह समझना जरूरी है कि आपके बच्चे के पहले दांत की नींव गर्भावस्था में करीब 3 महीने बाद से ही पड़ने लगती है। ऐसे में स्वस्थ आहार न सिर्फ आपके दांतों को ठीक रखेगा बल्कि बच्चे के दांतों की भी मजबूत नींव पड़ेगी। आप डेयरी उत्पादों, पनीर, दही, योगर्ट आदि का सेवन कर सकती हैं।

7. प्रेग्नेंसी से पहले कराएं जांच – गर्भावस्था के दौरान दांतों को स्वस्थ रखने के लिए यह बेहतर विकल्प है कि आप प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले दांतों की जांच करा लें। इससे अगर दांत व मसूड़ों में किसी भी तरह की समस्या होगी तो उसका इलाज शुरू हो जाएगा और समय रहते आप खतरे को टाल सकती हैं।

8. दिक्कत होने पर डेंटिस्ट से मिलें – गर्भावस्था के दौरान अगर आपको दांत से जुड़ी कोई समस्या हो रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें। फौरन डॉक्टर से मिलें। आप बीच-बीच में चेकअप करा सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ दांतों को भी स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। दांत व मसूड़ों में किसी भी तरह की समस्या न सिर्फ आपको बल्कि गर्भ में पल रहे आपके बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान दांतों में समस्या होने से सबसे बड़ा खतरा प्रीमैच्योर डिलिवरी का रहता है। अतः गर्भावस्था के दौरान दांतों की सही देखभाल बहुत जरूरी है।

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