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रोचक रिसर्च - बच्चे सबसे पहले क्यों बोलते हैं मम्मी पापा?

Prasoon Pankaj
1 से 3 वर्ष

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Dec 08, 2019

रोचक रिसर्च बच्चे सबसे पहले क्यों बोलते हैं मम्मी पापा
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

जरा याद करने की कोशिश कीजिए जिस दिन सबसे पहली बार आपके बच्चे ने आपको मम्मी या पापा बोलकर संबोधित किया होगा। निश्चित रूप से वो दिन आपके लिए बहुत खास होगा। दरअसल जन्म के कुछ महीने के बाद जब बच्चा कुछ बोलने का प्रयास करता है तो सबसे पहले उसकी जुबान पर मम्मा और पापा का ही नाम याद आता है। आज हम आपको इस ब्लॉग में इन बातों से संबंधित एक रोचक रिसर्च के बारे में बताने जा रहे हैं।

जानिए क्या कहते हैं रिसर्च के नतीजे/Why Does Child First Speak Mother & Father?

जानिये क्या हैं बच्चे के सबसे पहले मम्मी पापा बोलने के पीछे। 

  • आईनेक्स्ट डॉट कॉम के रिसर्च के मुताबिक जिन शब्दों में दोहराव होता है बच्चे उन शब्दों को जल्दी सीखते हैं
     
  • रिसर्च के मुताबिक बच्चे को इस तरह के शब्दों को याद रखने में आसानी होती है।
     
  • ब्रिटेन के एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर मिटसुहिको ओटा का कहना है कि बच्चे दोहराव के कारण जल्दी बोलना सीखते हैं और यही वजह है कि पूरी दुनिया में बच्चों को बोलना सीखाने के लिए सबसे पहले दोहराव वाले शब्दों का ही इस्तेमाल किया जाता है। अब जैसे उदाहरण के लिए अपने यहां पर पा-पा,मम्मा, बा-बा, दा-दा, दा-दी, मा-मा, चा-चा, चा-ची 
     
  • इस रिसर्च को लैंग्वेज लर्निंग एंड डेवलपमेंट जर्नल में प्रकाशित किया गया

इसे भी जानें: क्या हैं 10 संकेत शिशु के पहला शब्द बोलने के?

  • रिसर्च टीम ने 18 महीने तक की उम्र के बच्चों पर रिसर्च किया
     
  • रिसर्च टीम ने बच्चों की अलग-अलग तरह की तस्वीरों और कंप्यूटर स्क्रीन के माध्यम से अध्ययन किया। बच्चों की आंखों की पुतलियों की रिकार्डिंग से नतीजे सामने आये की बच्चे दोहराव वाले चीजों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं।
     
  • रिसर्च से ये भी पता चलता है कि बच्चे को अगर कठिन शब्दों को सीखाना है तो उनके सामने बार-बार उस शब्द को दोहराएं। इस को आप अपने घर में भी आजमा सकते हैं

क्या कहती है वैंकुवर यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कोलम्बिया की रिपोर्ट?

वहीं दूसरी तरफ वैंकुवर यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कोलम्बिया की जुटिट गेर्विन और टीम ने 40 शिशुओं पर प्रयोग किया। सभी बच्चे को दो ग्रुप में बांटा गया। इनमें से एक ग्रुप को पापा, मामा, टाटा जैसे शब्द जिनमें दोहराव थे उनको सुनाया गया और दूसरे ग्रुप के बच्चे को वैसे शब्द सुनाए गए जिनमें दोहराव नहीं के बराबर था। ये सिलसिला कई दिनों तक जारी रहा और उसके बाद सभी बच्चों की जांच की गई। 

  • इस रिसर्च से ये पता चला कि जब बच्चे को एक जैसे शब्द सुनाएं जाते हैं तो उनके दिमाग के बाएं भाग में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है और ज्यादा एक्टिव हो जाता है
     
  • वहीं दूसरी तरफ जब दोहराव वाले शब्द नहीं सुनाए जाते हैं तो दिमाग की प्रतिक्रिया इतनी तेज नहीं होती है

इसे भी जानें: आपका शिशु कब बोलने लगेगा?

  • बच्चा जब जन्म लेता है तो कुछ चीजें सीख कर ही आता है जैसे कि आहार निगलना और दोहराव जैसे शब्दों की पहचान करना
     
  • यही वजह है कि हमारे यहां अधिकांश रिश्तों का नाम भी दोहराव जैसे ही शब्द होते हैं

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 3
कमैंट्स ()
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| Aug 08, 2018

very nice information

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  • रिपोर्ट

| May 16, 2019

Meri beby ne pahli baar jb bola to mumma bola tha iska kya mtlb h

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  • रिपोर्ट

| May 16, 2020

  • Reply
  • रिपोर्ट
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