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वर्ल्ड नो टोबैको डे : धूम्रपान पड़ सकता है आपके बच्चे के लिए महंगा!

Parentune Support
1 से 3 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 31, 2018

वर्ल्ड नो टोबैको डे धूम्रपान पड़ सकता है आपके बच्चे के लिए महंगा
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

धूम्रपान जानलेवा आदत है, जिसकी चपेट में बड़ी संख्या में लोग हैं। यह फेफड़े रोग के अलावा कई अन्य खतरनाक बीमारियों को जन्म देता है। आंकड़ों के अनुसार पूरी दुनिया में हर साल करीब 30 लाख लोग धूम्रपान की वजह से अपनी जान गवा देते हैं। बात अगर भारत की करें तो यहां हर साल 9 लाख लोग धूम्रपान की ववजह से मरते हैं। इनमें से 90 पर्सेंट लोगों की मौत कैंसर की वजह से होती है, जो धूम्रपान के कारण ही होता है। कई लोग घर में भी स्मोकिंग करते हैं। अगर आपके घर में बच्चा है और आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो इस आदत को बदलने की जरूरत है। दरअसल इसका आपके बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। 31 मई को वर्ल्ड नो टोबेको डे के रूप में मनाया जाता है। आज इस खास मौके पर हम आपको बताएंगे कि किस तरह धूम्रपान आपके बच्चे के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

बच्चों पर इस तरह पड़ता है बुरा असर

  1. कैंसर होने का खतरा –  दरअसल जब बड़े घर में धूम्रपान करते हैं, तो तंबाकू के धुएं में मौजूद निकोटीन (हानिकारक कीटाणुओं का समूह) हवा में तैरता हुआ बच्चों के हाथों पर जाकर चिपक जाता है। ये कीटाणु दिखते नहीं हैं, लेकिन बच्चे को धीरे-धीरे अपनी चपेट में ले लेते हैं। इसके बाद बच्चे को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है।
  2. अन्य बीमारियों का भी डर – अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, बच्चों के हाथों पर चिपके इन कीटाणुओं की वजह से उनमें सांस की बीमारी, कानों में संक्रमण, खांसी व दमे जैसी बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा उन्हें निमोनिया व ब्रोनकाईटिस भी हो सकता है।
  3. हार्ट अटैक का भी खतरा – वे पैरेंट्स जो बच्चों के सामने सिगरेट पीते हैं, उनके बच्चों की रक्त नलिकाओं की दीवारें मोटी होने लगती हैं। इससे भविष्य में उनको दिल का दौरा पड़ने और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। एक शोध में पाया गया कि 3 से 18 साल की आयु के उन 2000 से अधिक बच्चों की सेहत को खतरना है, जिनके माता-पिता सिगरेट पीते हैं।
  4. विकास पर नकारात्मक असर – बच्चों के आसपास धूम्रपान करने से उनके विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है। उनका शरीर सही से विकसित नहीं हो पाता है।
  5. आकास्मिक मौत का खतरा – बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले काफी नाजुक होता है। बच्चे इन्फेक्शन की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में बच्चों के पास धूम्रपान करने से उनकी आकास्मिक मौत का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल आसपास स्मोकिंग की वजह से उनमें ऐसे सिंड्रोम डिवेलप हो जाते हैं।
  6. बच्चा भी सीखता है धूम्रपान करना – बचपन से ही घर में इस तरह का माहौल देखकर वह भी बड़ा होते ही धूम्रपान शुरू कर देता है, जो उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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