स्वास्थ्य

खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब !

Parentune Support
11 से 16 वर्ष

Parentune Support के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 25, 2018

खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब

आपको अपना बचपन तो ठीक से याद होगा जब आपके मम्मी-पापा आपको खेलता देखकर आपकी पिटाई कर देते थे और हमेशा पढ़ने के लिए बोलते रहते थे। पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब..। ये कहावत अब गुजरे जमाने की बात हो गई है। अब खेलने-कूदने वाले आइकन बच्चों के दिलों पर राज कर रहे हैं। खास बात यह है कि जिस तरह माता-पिता सुबह-सुबह अपने बच्चों के बस्ते सेट करते हैं उसी तरह वे शाम को उनके किट बैग का भी खयाल रखना नहीं भूलते।

कहते हैं कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग का वास होता है। बात छोटी सी है, लेकिन सोचने वाली है। स्वस्थ दिमाग है कहां। किताबें पढ-पढ कर कभी किसी का दिमाग स्वस्थ हुआ है। आम तौर पर खेल के चक्कर में बच्चों को हमेशा डांट पडती है। बचपन से ही सिखाया जाता है कि खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब, पढोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब। ये नहीं खेलो, वह मत खेलो, घर में खेलो, होमवर्क करना है, नहीं तो स्कूल में डांट पडेगी। शाम को बाहर मत खेलना, पापा ऑफिस से आएंगे तो गुस्सा करेंगे। पापा को भी घर में हाथों में किताब लिया बच्चा अच्छा लगता है। कहीं आप भी तो अपने बच्चे के साथ ऐसा नहीं कर रहे हैं।

खेलकूद भी बहुत जरूरी है बच्चों के लिए / Sports Activies Are very Important For Children In Hindi

  • एक ताज़ा सर्वेक्षण से पता चला है कि एक्टिव बच्चों में संज्ञानात्मक कौशल का विकास तेजी से होता है। निष्क्रिय बच्चों की तुलना में वे अच्छी तरह ध्यान केन्द्रित कर पाते हैं और अपने मस्तिष्क का उपयोग भी अधिक अच्छी तरह कर पाते हैं। यह आपके बच्चे को खेलों में भाग लेने के लिए एक बहुत अच्छा कारण है। अतः अपने बच्चों को खेलने-कूदने का पर्याप्त अवसर दें। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सकेगा।
     
  • सामाजिक कौशल आपके बच्चे के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आपका बच्चा खेलों में भाग लेता है तो उनमें सामाजिक कौशल का बहुत अच्छा विकास होता है। खेलों के दौरान आपका बच्चा अन्य बच्चों से मिलता है और उनसे बातचीत करता है। यह उसके समाजिक कौशल के विकास में सहायक होता है।
     
  •  खेलों से आपका बच्चा टीम वर्क का कौशल सीखता है। आपका बच्चा सीखता है कि किस प्रकार टीम की विजय में योगदान दिया जा सकता है। यह एक महत्वपूर्ण गुण है। यह उन्हें तब सहयता देता है जब वे बड़े हो जाते हैं और नौकरी करते हैं।
     
  • जब आपका बच्चा कोई शारीरिक गतिविधि करता है तो उसके मस्तिष्क या उसके सिर के अंदर जो अंग है उसका विकास होता है। एक सक्रिय और पूर्ण रूप से विकसित मस्तिष्क आपके बच्चे को जल्दी सीखने और बढ़ने में सहायक होता है। स्वस्थ मस्तिस्क कुशल तरीके से जानकारी संग्रहित और पुन:प्राप्त कर सकता है।
     
  • खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों से आपके बच्चे की मांसपेशियों का विकास होता है। स्वस्थ हड्डियों और मांसपेशियों के अच्छे विकास के लिए आपको बच्चे को किसी खेल या व्यायाम के प्रति उत्साहित करना चाहिए।आपको उसे अनावश्यक रूप से खेलने से मना नहीं करना चाहिए।
     
  • जब आपका बच्चा खेलों में भाग लेता है तो आपके बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ती है जिससे आपके बच्चे की विभिन्न रोगों से रक्षा होती है। इसके अलावा बच्चे को खुली हवा में छोड़ना अच्छा होता है ताकि उसे अपने आसपास के विश्व का ज्ञान होता है। वास्तव में जब आपका बच्चा बाहर के विश्व में आता है तभी उसके शरीर में विशेष प्रकार के बैक्टीरिया के प्रति प्रतिरोध विकसित होता है।
     
  • आपका बच्चा प्रतियोगिता के विश्व में उतरे उससे पहले उसे यह सिखाना आवश्यक है कि प्रतियोगिता किस प्रकार की जाती है तथा खेल की गतिविधियों के माध्यम से उच्च स्थान पर कैसे पहुंचा जा सकता है। प्रारम्भ से ही खेल बच्चे के अंदर प्रतियोगिता की भावना विकसित करने में काफी सहायक होते हैं।
     
  • जीत और हार जीवन का हिस्सा है तथा आपका बच्चा इसे खेल की उन गतिविधियों के माध्यम से सीखता है जिसमें वह हिस्सा लेता है। कभी कभी वह हार भी सकता/सकती है तथा तभी वह बातों को खिलाड़ी भावना से लेना सीखता है। आपके बच्चे के अंदर खिलाड़ी भावना के विकास से वह असफलताओं से निराश नहीं होता है।
     
  • खेल आपके बच्चे को किसी कार्य में पूर्ण ध्यान केन्द्रित करने में सहायता करता है। जब वह बड़ा होता है तो यह गुण बहुत आवश्यक होता है। यदि आपका बच्चा खेल में हिस्सा नहीं लेना चाहता तो उसे इसके सारे फायदे बतायें तथा उसे खेलने का भरपूर अवसर दें।
     
  • खेल की गतिविधियों से आपके बच्चे में शारीरिक सहनशीलता का विकास होता है क्योंकि प्रत्येक गेम आख़िरी तक खेला जाता है। इससे आपका बच्चा सीखता है कि अधिक समय तक गर्मी में कैसे रहा जाता है। अपने बच्चे को खेलने के लिए  प्रोत्साहित करने हेतु उसे प्लेग्राउंड पर ले जाएँ और अन्य बच्चों के साथ उसे खेलने दें।
     
  • प्रत्येक खेल खिलाड़ी की सहनशीलता के लिए एक चुनौती के समान होता है। यह सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा इस प्रकार के खेलों में प्रतिभाग करे जिससे उसकी सहनशीलता बढ़ सके। शारीरिक गतिविधियों में ताकत ही सब कुछ होती है।
     
  • जब भी आपका बच्चा कोई गेम जीतता है तो उसे यह बात समझ में आती है कि जीत प्राप्त करना कितना कठिन है। अच्छी रणनीति बनाकर खेलने से ही जीत मिलती है और आपका बच्चा खेल की गतिविधियों के माध्यम से ही इन सब चीज़ों को सीखता है।
     
  • हर बार जब आपका बच्चा एक ट्रॉफी जीतता है तो आप गर्व महसूस करेंगे। केवल जीतने वाले बच्चों के माता पिता ही बच्चों का यह गर्व महसूस कर सकते हैं। तो आपको भी ऐसे मौके को चखने का अवसर मिल सकता है।
     
  • कहने का तात्पर्य यह है कि जमाने के साथ चलें और अपने बच्चे को खेलने का भरपूर अवसर दें। इससे आपके बच्चे का सर्वांगीण विकास हो सकेगा। यदि आप प्रारम्भ से ही अपने बच्चे को खेलने के लिए प्रेरित करते हैं तो यह भविष्य में जीवन की चुनौतियों का सामना करने में उसकी भरपूर मदद करता है। 

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