स्तनपान
स्तनपान कराने का सही तरीका क्या है और क्यों हैं जरूरी?
चिकित्सकीय समीक्षा: Mrs.Vandana Chawla
प्रकाशित: 04 अग॰ 2022
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स्तनपान कराना क्यों जरूरी है? माँ का दूध शिशु के पलने-बढ़ने के लिये जरूरी पोषक तत्वों का एक बेमिसाल मिश्रण होता है और इसमें बड़ी तादाद में रोग-प्रतिकारक तत्व होते हैं जो बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं।
- शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत को बढ़ाकर शिशु को कई तरह की बीमारियों से बचाता है।
- जन्म देने के बाद माँ के शुरूआती दूध को ‘कोलोस्ट्रम’ कहा जाता है। इस दूध में रोग-प्रतिकारक और पोषक तत्वों की भरमार होती है इसलिये इसे ‘लिक्विड गोल्ड’ भी कहा जाता है और यह दूध शिशु को जरूर पिलाना चाहिये।
- जन्म देने के 3 से 5 दिनों के बाद माँ के शरीर में बनने वाले दूध में सुधार हो जाता है और यह दूध ‘कोलोस्ट्रम’ की तुलना में ज्यादा पतला और सफेद होता है। अब इस दूध में केवल उतना ही पानी, मिठास, प्रोटीन और वसा होती है जितना शिशु की पलने-बढ़ने के जरूरी है। इसके बाद माँ के दूध में पौष्टिक तत्वों की तादाद शिशु की जरूरत के हिसाब खुद-ब-खुद घटती-बढ़ती रहती है।
- पाॅउडर दूध या गाय के दूध की तुलना में माँ का दूध आसानी से पचता है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें स्तनपान की नयी माताओ के लिए
क्या है पाॅवडर दूध और माँ के दूध में फर्क?
- माँ का दूध असानी से पच जाता है जबकि पाउडर दूध पचने में समय लगता है।
- माँ के दूध के लिये खर्च नहीं करना पड़ता।
- माँ के दूध में पौष्टिक तत्वों की तादाद के अनुपात की बराबरी नहीं हो सकती।
- जांचो में पता चला है कि माँ का दूध पीने वाले शिशुओं की रोग प्रतिकारक ताकत पाउडर दूध पीने वाले शिशुओं से ज्याद
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