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क्या है काला अजर(Black Fever) बीमारी, और किन सावधानियों को बरतें
प्रकाशित: 21 जुल॰ 2022
अंग्रेजी की इस मशहूर कहावत के बारे में आपने भी जरूर सुना होगा कि Prevention is better than cure यानि इलाज से बचाव अच्छा। काला-अजर जिसका वैज्ञानिक नाम visceral leishmaniasis ( विस्केरल लीश्मेनियेसिस) है, एक बेहद खतरनाक संक्रामक रोग है। काला-अजर का प्रकोप मुख्य रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड के अलावा कई और राज्यों में देखने को मिला है। बिहार में साल 1977 से 1990 के बीच में काला-अजर के कुल 3 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल के 11 जिलों में 60 से ज्यादा काला अजर यानि ब्लैक फीवर के मामले सामने आए हैं।
काला-अजर किन कारणों से होता है/ What causes black fever disease in hindi
काला-अजर मुख्य रूप से मादा फ्लेबोटोमिन सैंडफ्लाइज प्रजाति की मक्खी के काटने से होता है। बोलचाल की भाषा में इस मक्खी को बड मक्खी या रेत मक्खी के नाम से भी जाना जाता है। काला-अजर छूत की एक विशेष प्रकार की बीमारी है और मादा मक्खी इस रोग से ग्रसित व्यक्ति को काटकर वहां से कीटाणुओं को लेकर बीमारी फैलाती है। ये मक्खी आकार में बहुत छोटे होते हैं आप इसको ऐसे समझिए की इनका आकार मच्छर के मुकाबले लगभग एक चौथाई ही होता है। इस मक्खी के शरीर की लंबााई 1.5 से 3.5 मिमि तक होती है।
काला-अजर के लक्षण :
स्किन का ड्राई हो जाना, इसके अलावा बालों का गिरना
कैसे बच सकते हैं काला-अजर से : Precaution to avoid black fever in Hindi
कालाजार को रोकने के लिए अब तक कोई टीका नहीं है हालांकि बहुत जल्द इसका टीका खोज निकालने के दावे किए जा रहे हैं। खासतौर से अपने बच्चों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जल जमाव और नमी वाले इलाके में ही ये मक्खी पनपती है तो अपने आसपास में सफाई रखें। सबसे अच्छा उपाय तो यही है कि आप अपने आप को बडमक्खी या रेत मक्खी के काटने से बचाएं। ये मक्थी शाम से लेकर सुबह के बीच में ज्यादा सक्रिय होती है। शरीर को कपड़ों से ढ़क कर रखें यानि कि पूरा कपड़ा पहने। शाम के समय में बच्चे खेलकूद करने के लिए बाहर होते हैं तो ऐसे में उनको भी पूरा कपरा पहनकर ही घर से बाहर निकलने के लिए कहें। घरों में कीटनाशक का प्रयोग करें। बिना मच्छरदानी के बच्चों को ना सुलाएं।
काला-अजर का उपचार :
कालाजार के लिए दवाएं उपलब्ध हैं और अगर उपर बताए गए लक्षणोंं में से कुछ महसूस करें तो तत्काल नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि कालाजार ठीक हो जाने के बाद भी इसके साइड इफेक्ट बने रह सकते हैं।
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