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पेरेंटिंग स्वास्थ्य

बच्चों में लैक्टोज इनटॉलेरेंस के लक्षण, कारण और उपाय

Dr Rakesh Tiwari
1 से 3 वर्ष

Dr Rakesh Tiwari के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Sep 10, 2020

विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

संकेत जो बताते हैं कि आपके शिशु को लैक्टोज इंटोलरेंस है बच्चों का शरीर अगर दूध या दूध से बने पदार्थों को नहीं पचा पाता तो वे लैक्टोज इंटोलरेंस से पीड़ित हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें जबरदस्ती दूध ना पिलाएं बल्कि डॉक्टर को दिखाएं कुछ लोगों का शरीर दूध या दूध से बने पदार्थों में मौजूद शुगर को नहीं पचा पाता है। यह शुगर लैक्टोस होता है और इस समस्या को लैक्टोज इंटोलरेंस के नाम से जाना जाता है। लैक्टोज को पचाने के लिए हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में लैक्टेज नामक तत्व स्रावित करने की जरुरत होती है। अगर आपका शरीर भी दूध को नहीं पचाता और फिर भी आप दूध से बनें पदार्थों का सेवन करते हैं तो यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। यह समस्या सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि बच्चों में लैक्टोज इनटॉलेरेंस के क्या-क्या लक्षण होते हैं/ What are the symptoms of lactose intolerance in children In Hindi

  1. डायरिया: बच्चों को एलर्जी आदि बीमारियां होने का खतरा ज्यादा होता है लेकिन अगर दूध पीने के बाद उन्हें लगातार उल्टी आने और दस्त लगने की समस्या होती है। लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण बच्चों को हरे रंग का पॉटी आता है।
     
  2. ब्लोटिंग और गैस: नवजात बच्चों को दूध पीने के बाद अक्सर गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो जाती है तो उन्हें लैक्टोज इनटॉलेरेंस हो सकता है। कभी-कभी यह बच्चों को ज्यादा दूध पिलाने पर भी गैस और ब्लोटिंग हो जाती है
     
  3. जी-मिचलाना: लैक्टोज इनटॉलेरेंस होने पर बच्चे अक्सर दूध को बार-बार थूकते हैं। वे दूध को पचा नहीं पाते इस वजह से उनका जी मिचलाने लगता है। बच्चों के जी-मिचलाने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन दूध पीने के बाद अक्सर उनका जी-मिचलाता है और वे उल्टी करते हैं तो उन्हें लैक्टोज इनटॉलेरेंस हो सकता है।
     
  4. त्वचा संबंधी परेशानियां: लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण बच्चों के एक्जिमा हो सकता है। इससे सिर्फ एक्जिमा नहीं बल्कि त्वचा संबंधित अन्य समस्याएं भी हो सकती है। कभी-कभी दूध पीने के बाद बच्चों की गर्दन, पीठ और कमर की त्वचा पर भी एलर्जी हो जाती है।
     
  5. वजन नहीं बढ़ पाता: लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण बच्चों का शरीर दूध से कैल्शियम और प्रोटीन का अवशोषण नहीं कर पाता है जिससे बच्चों का वजन नहीं बढ़ पाता

ऐसे में बच्चे को डॉक्टर को जरुर दिखाएं कुछ उपाय अक्सर इस मामले में डॉक्टर बच्चे को सोया फार्मूला मिल्क देने को कहते है लेकिन इससे मां का दूध होना बंद भी हो सकता है अगर वो बच्चे को अपना दूध न पिलाये तो इसलिए माँ को अपने आहार में सारे डेरी प्रोडक्ट लेने बंद कर देने चाहिए जिससे उसके दूध में लैक्टोज की मात्रा कम हो जाये फार्मूला मिल्क के साथ अपना भी दूध अंतराल पर दें ताकी ब्रेस्ट मिल्क की सप्लाई बंद न हो सामान्यता 4 हप्ते बाद बच्चे में लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या खत्म होने लगती है स्तन के अग्र भाग का दूध पिलाने के बाद ये सिक्योर करे कि बच्चा वशा युक्त दूध भी पिये।

विस्तार से वीडियो को देखने के लिए इस लिंक पर जरूर क्लिक करें : बच्चे को सर्दी-जुकाम, पेट व त्वचा की समस्या

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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कमैंट्स ()
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| Nov 26, 2019

Hi mam mera baby 9month ka hai usko bahut jyada pasina aata hai normally bachcho se jyada please esa kyu hota hai aur mujhe koi advise dijiye night me to uske Sir ke paas gila tak ho jata hai please advise dijiye...

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