1. पोषक-आहार

क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में कच्चा पनीर खाना सेफ है?

क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में कच्चा पनीर खाना सेफ है?

प्रकाशित: 02 जून 2025

पोषक आहार
आहार योजना

प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय है जब हर एक प्रेग्नेंट महिला को अपने खानपान और पोषण का ख्याल रखना होता है. इस दौरान क्या खाएं और क्या नहीं खाएं? यह एक बड़ा सवाल होता है. हालांकि इस दौरान महिलाओं का मन बहुत सी अच्छी और पौष्टिक चीजें खाने का करता है. लेकिन, क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में कच्चा पनीर खाना सेफ है? यह अक्सर ही महिलाएं जानना चाहती हैं?

दरअसल, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में कच्चा पनीर खाना सेफ नहीं माना जाता. खासकर घर का बना या अनपाश्चराइज्ड दूध से बना पनीर. क्योंकि इस पनीर में लिस्टेरिया जैसे हानिकारण बैक्टीरिया हो सकते हैं जो किसी भी गर्भवती महिला या कोख में पल रहे शिशु के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं. लिस्टेरिया बैक्टीरिया से पेट का इंफेक्शन हो सकता है. जो समय से पहले प्रसव, गर्भपात या शिशु के जोखिम पैदा कर सकता है. इसके अलावा लिस्टेरिया बैक्टीरिया नवजात में स्वास्थ्य परेशानी का बड़ा कारण हो सकता है जिसमें नवजात को डायरिया या पेट की गंभीर समस्या हो सकती है. इसलिए ज्यादातर शोध में यह माना गया है कि प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में घर का बना पनीर प्रेग्नेंट महिला के लिए सुरक्षित नहीं है.

लेकिन, सवाल यह भी है कि क्या पनीर का सेवन किया ही नहीं जाना चाहिए. हां, पनीर का सेवन करना चाहिए.

किस तरह के पनीर का इस्तेमाल इस दौरान सुरक्षित है?

1.      पाश्चराइज्ड पनीर

यह पनीर पाश्चराइज्ड दूध से बना होना चाहिए, क्योंकि पाश्चराइज्ड पनीर में हानिकारक  बैक्टीरिया नहीं होते.

2.      पका हुआ पनीर ही खाएं

शोध में इस बात की पुष्टि भी हुई है कि पनीर को पका कर ही खाना चाहिए, जैसे पनीर टिक्का या ग्रेवी वाला पनीर. क्योंकि गर्मी बैक्टीरिया को मार देती है. इसके बाद पनीर खाना सेहत के लिए ठीक माना जाता है.

3.      अच्छी गुणवत्ता और क्वालिटी का ही पनीर खाएं

बाजार में इन दिनों कई तरह के मिलावटी और नकली पनीर मिलते हैं. इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि पनीर अच्छी क्वालिटी और लेवल का हो. जैसे अमूल या फिर मदर डेयरी का बना हुआ पनीर सेफ पनीर माना जाता है.

4.      ताजा और साफ सुथरा पनीर ही इस्तेमाल करें

पनीर हमेशा विश्वसनीय दुकान या डेयरी से ही खरीदें. क्योंकि पनीर विक्रेता थोड़े से लालच के चलते नकली पनीर बेच देते हैं.

5.      घर का पनीर अच्छा विकल्प

घर का बना पनीर अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. लेकिन इसे तैयार करने के लिए अच्छा दूध का होना आवश्यक है. साथ ही इसे कम से कम ठीक से उबाले और फिर ठंडा करके ही पनीर बनाएं. ऐसे करने से यह दूध पाश्चराइज्ड हो जाता है. और क्योंकि आपको घर के दूध की जानकारी भी होती है ऐसे में घर का बना पनीर शुद्धता की गारंटी तो है ही.

6.      पनीर को कम से कम 74 डिग्री तक गर्म करें

जी हां, ये जरूरी है कि आप पनीर को कच्चा ना खाएं. इसे आप कम से कम 165 डिग्री फेहरानाइट या 74 डिग्री तक गर्म करके ही खाएं ताकि इसमें मौजूद खराब बैक्टीरिया खत्म हो जाए.

यह कुछ ऐसी बातें हैं जिनका ध्यान रखा जाना जरूरी है. वहीं, पनीर बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखाना चाहिए. पनीर को साफ बर्तनों में बनाएं और साफ ही बर्तनों में स्टोर करें. इसे अगर आपको फ्रिज में रखना है तो 2 या 3 दिन से ज्यादा न रखें. इस्तेमाल से पहले पनीर को ठीक प्रकार से गर्म पानी में डुबोकर धोकर इस्तेमाल करना चाहिए.

7. पनीर के सेवन में मात्रा का रखें ख्याल

पनीर का सेवन करने से पहले यह भी जानना जरूरी है कि पनीर का कितना सेवन करना चाहिए. क्योंकि पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छी मात्रा में होता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को सीमित मात्रा में ही पनीर का इस्तेमाल करना चाहिए. महिलाएं एक दिन 100 से 150 ग्राम पनीर का ही सेवन करें. यह पूरे दिन के लिए काफी है. इससे ज्यादा पनीर खाने पर इसे हजम करने में गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत हो सकती है. महिला को पेट के दर्द की शिकायत हो सकती है.

कब न खाएं पनीर

अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है तो पनीर के सेवन से बचना चाहिए. ज्यादा पनीर खाने से पाचन संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं जो गर्भवती माता और शिशु के लिए समस्या का कारण बन सकते हैं. इसलिए ऐसी अवस्था में पनीर से परहेज ही बेहतर

पनीर से एलर्जी है तो न करें सेवन

बहुत से लोगों को दूध से बनी चीजों से एलर्जी होती है. इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपको पनीर से एलर्जी तो नहीं है. अगर है तो पनीर के सेवन से बचना चाहिए. और डॉक्टर की सलाह से ही पनीर खाना चाहिए. वहीं, अगर आपको पनीर की गुणवत्ता पर शक हो तो भी पनीर नहीं खाना चाहिए.

"पाश्चराइज्ड" पनीर क्या है?

दरअसल, बहुत सी महिलाओं को पाश्चराइज्ड पनीर और साधारण पनीर में अंतर का पता नहीं होता. पाश्चराइज्ड पनीर दूध को ठीक प्रकार से एक तापमान पर गरम करके फिर उसे जीरो तापमान पर ठंडा करने की प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया के दौरान सभी हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं.

शाकाहारी लोगों के लिए पनीर का सेवन प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है. वहीं पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है. लेकिन पनीर का चयन इसमें बेहद अहम भूमिका निभाता है. पनीर साफ सुथरा हो. अच्छी डेयरी या फिर ब्रांड का हो. यह तय करना बेहद जरूरी है, क्योंकि आज बाजार में बहुत से पनीर उपलब्ध हैं. और ज्यादातर बाजार में मिलने वाले पनीर नकली या फिर सोयाबीन और मूंगफली के दूध से बने होते हैं. जिन्हें हम टोफू के नाम से भी जानते हैं. लेकिन इनकी जानकारी आमतौर पर लोगों को नहीं होती. ऐसे में यह जरूरी है कि पनीर घर में ताजा गाय के दूध से बनाएं. अगर गाय का दूध उपलब्ध नहीं है तो बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड दूध से ही पनीर बनाएं. पनीर बनाने से पहले दूध को अच्छी तरह से उबाल लें. और फिर पनीर बनाएं.

पनीर अगर घर पर नहीं बना सकते हैं, तो बाजार के पनीर की गुणवत्ता की जांच कर लें. इस बात का भी ध्यान रखें कि जो गर्भवती महिलाएं पनीर का सेवन कर रही हैं. वो सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि उनकी कोख में पल रहे बच्चे के लिए भी आहार है. ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आप कुछ भी आहार लें, वो पौष्टिक साफ सुथरा सुपाच्य हो.

 

Your All-In-One Baby Toolkit

Monitor milestones, growth, and discover unique baby names easily

Be the first to support

Be the first to share

Share it

संबंधित ब्लॉग और व्लॉग

क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में कच्चा पनीर खाना सेफ है?