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क्या आप अपने बच्चे को जरूरत से ज्यादा पैरासिटामाल का डोज़ तो नहीं दे रहे हैं! इसे पढ़ें

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Updated on Jan 24, 2018

क्या आप अपने बच्चे को जरूरत से ज्यादा पैरासिटामाल का डोज़ तो नहीं दे रहे हैं इसे पढ़ें

दवा का डोज प्रत्येक व्यक्ति की उम्र एवं वजन के हिसाब से निर्धारित होता है जिसकी सम्पूर्ण जानकारी सिर्फ डॉक्टर को ही होती है लेकिन मामूली सिरदर्द, हल्के बुखार में बच्चे को बिना डॉक्टर की सलाह के पैरासिटामॉल देना नुकसानदेह साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, पैरासिटामॉल का अधिक प्रयोग लीवर डैमेज का बहुत बड़ा कारण बन जाता है जिसके काफी घातक परिणाम सामने आते हैं।

  • शरीर की त्वचा में बहुत से लाभदायक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। पैरासिटामॉल शरीर की त्वचा पर मौजूद लाभदायक बैक्टीरिया को मार देती है, जिससे आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता नष्ट हो जाती है। क्योंकि यही बैक्टीरिया हमारी प्रतिरोधक क्षमता को सुरक्षित रखते हैं, इसलिए ज्यादा पैरासिटामॉल लेने के बाद कोई भी बीमारी होने पर कोई दवाई फायदा ही नहीं करती और बच्चे के बार-बार रोगग्रस्त होने की संभावना लगातार बनी रहती है।
     
  • पैरासिटामॉल का डोज ज्यादा हो जाने पर डायरिया, एलर्जी, त्वचा के रोग जैसे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इनके अधिक इस्तेमाल से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है। बिना सोंचे-समझे अपने बच्चे को पैरासिटामाल देना किसी जहर से कम नहीं है किसी भी अन्य औषधीय पदार्थ की ओवरडोज की तुलना में पैरासिटामॉल की ओवरडोज के कारण अमेरिका में पॉइजन कंट्रोल सेंटर को सबसे अधिक कॉल किये जाते हैं। पैरासिटामॉल की विषाक्तता के लक्षण और संकेत प्रारम्भ में अनुपस्थित या असपष्ट हो सकते हैं लेकिन दीर्घकाल में इसके काफी घातक परिणाम सामने आते हैं।
     
  • पैरासिटामॉल का गलत सेवन आपके बच्चे के मोटापे को बढ़ा सकता है और मोटापा यानि बीमारियों का घर। इस मोटापे के कारण बच्चे को कई बीमारियों के होने की संभावना बनी रहती है।  मोटापा बढ़ने से भविष्य में डायबिटीज की आशंका बढ़ जाती है और डायबिटीज से लीवर डैमेज का खतरा।  कहने का तात्पर्य यह है की पैरासिटामाल की अधिक डोज़ न केवल आपके बच्चे के वर्तमान बल्कि भविष्य को भी बर्बाद कर सकती है।
     
  • पैरासिटामोल बच्चों में एनाल्जेसिक का एक सुरक्षित और उपयुक्त विकल्प माना जाता है। किन्तु, इसका अधिक उपयोग कई परेशानियों को दावत देने जैसा है। 2008 में बच्चों में पैरासिटामॉल के दीर्घकालिक साइड इफ़ेक्ट्स के सबसे बड़े अध्ययन का प्रकाशन ‘द लान्सेट’ में किया गया। इसके अनुसार 31 देशों में 200,000 से अधिक बच्चों पर किए अध्ययन में पाया गया कि जीवन के पहले वर्ष में बुखार के लिए पेरासिटामॉल का उपयोग 6-7 साल की आयु में उन बच्चों में अस्थमा के लक्षणों के बढ़ने से सम्बंधित है। यही नहीं, जीवन के पहले वर्ष के साथ 6-7 साल की आयु में भी पैरासिटामॉल का उपयोग राइनोकंजकटीवाइटिस और एक्जिमा के बढ़ने से सम्बंधित है।
     

अतः स्पष्ट है कि पैरासिटामाल की अधिक डोज़ आपके बच्चे के लिए अत्यंत घातक है। यदि आप बिना डाक्टरी सलाह के अपने बच्चे को पैरासिटामाल की अधिक डोज़ दे देते हैं तो जाने-अनजाने आप स्वयं ही अपने बच्चे के स्वास्थ्य के दुश्मन बन जाते हैं। इसलिए आपको सलाह है कि बच्चे के बचपन को बचाए रखने के लिए स्वयं डॉक्टर बनने का प्रयास कदापि न करें।

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| Jan 28, 2018

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