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गर्भावस्था मे थायराइड कि समस्या से जुड़े समाधान

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गर्भावस्था मे थायराइड कि समस्या से जुड़े समाधान

प्रकाशित: 31 जुल॰ 2023

अपडेटेड: 04 अक्तू॰ 2023

क्या कभी आपने अपनी प्रेगनेंसी के समय में यह जानने की कोशिश की है की आपका थायराइड कितना होना चाहिए, अगर नहीं तो अवश्य चेक करें। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई परीक्षणों से गुज़रना पड़ता है। अगर आप अपने बच्चे को इस दुनिया में लाने की तैयारी कर रही हैं तो सबसे पहले खुद की जांच करें और पता करें कि कहीं आपको थायराइड की समस्या तो नहीं। कई महिलाएं यह जानते हुए कि उन्हें थायराइड की समस्या है, अपने बच्चे को जन्म देती हैं। आपको बच्चे के जन्म के पहले थायराइड की समस्या को ठीक करने के उपचारों के बारे में सोचना चाहिए।

प्रेगनेंसी में थायराइड की समस्या के लक्षण / Symptoms of Thyroid During Pregnancy in Hindi

थायराइड की समस्या तब होती है जब शरीर मे थाइरोइड की उत्पत्ति कम हो जाती है।इसकी वजह से मनुष्य के शरीर के अन्य हॉर्मोन के स्तर में भी गिरावट आती है।

  1. सूजन
  2. थकान
  3. मांसपेशियों में कमज़ोरी
  4. सोने में परेशानी
  5. वज़न में बढ़ोत्तरी
  6. वज़न कम होना
  7. आवाज़ मे भारीपन आना
  8. आंखों और चेहरे पर सूजन
  9. सर, गर्दन और जोड़ो मे दर्द होना
     

थायरॉयड से बचाव / Prevention of Thyroid in Pregnancy in Hindi

नीचे बताई गयी बातों को जरूर पढ़ें, यह आपको आपकी प्रेगनेंसी के समय होने वाली समस्याओं से लड़ने में मददगार होगी। 

#1. कब्ज से कैसे बचें ?

  1. प्रेगनेंसी के दौरान पेट और पाचन क्रिया का सही रहना बहुत ज़रूरी होता है । ऎसी महिलाऐं जो प्रेग्नेंट हैं और पहले से ही थायराइड का शिकार हैं तो उन्हें अपने भोजन में अधिक से अधिक फाइबर लेने की ज़रूरत पड़ती है। इससे कब्ज की शिकायत नहीं होती है।
     
  2. क्योंकि थायराइड का लक्षण यह भी है कि यह कब्ज की शिकायत को बढ़ावा देता है और गर्भावस्था में यह संभावना लगभग दुगुनी हो जाती है।
     
  3. थायराइड का खतरा गर्भावस्था के पहले 3 महीने ज्यादा होता है। गंभीर थायरॉयड यानी हाइपोथायरॉयड होने से गर्भपात की संभावना बहुत बढ़ जाती हैं।

 

#2. नियमित व्यायाम करें

  1. रोजाना आधा घंटा व्यायाम करे, इससे थाइरोइड बढ़ता नही है और कंट्रोल मे रहता है। .
     
  2. प्रैग्नेंसी में इस तरह की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सही समय पर इसका इलाज और व्यायाम करना बहुत ही जरूरी है।
     
  3. योग के अलावा आप मेडिटेशन भी कर सकते है।

#3. समय-समय पर लगातार जांच कराये

  1. अगर महिला को पहले से ही थायरॉयड होने की जानकारी है तो उन्हें गर्भधारण करने से पहले तो जांच करानी ही चाहिए बल्कि प्रैग्नेंसी के हर महीने भी जांच कराते रहना चाहिए।
     
  2. डॉक्टर के सलाह के अनुसार, समय-समय पर लगातार जांच करानी चाहिए और नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना चाहिए।
     
  3. होने वाले बच्चे पर थायरॉयड का कोई खास प्रभाव न पड़े और गर्भवती महिला भी सुरक्षित रहें। समय रहते इस बीमारी की तरह ध्यान दिया जाए तो इस समस्या से बचना संभव है।
     
  4. भले ही आपको थायरॉयड संबंधी कोई समस्या न हो लेकिन हर महिला को साल में एक बार थायरॉयड की जांच जरूर करानी चाहिए।

#4. खाने पीने पर ध्यान अवश्य ध्यान दें

  1. आयोडीन थायराइड कंट्रोल करने मे काफी असरदार है पर जितना हो सके नेचुरल आयोडीन का सेवन करे, जेसे कि टमाटर, प्याज और लहसुन।
     
  2. तीन से चार लिटर पानी पीना चाहिए, ये शरीर से विषैले पदार्थ निकालने मे काफी मदद करता है। इसके इलावा एक से दो गलास फल का जूस भी पिए। हफ्ते मे एक बार आप नारियल पानी भी पिए तो अच्छा रहेगा।
     
  3. अपनी डाइट मे विटामिन (ए) अधिक मात्रा मे लें। हरी सब्जियों और गाजर मे विटामिन (ए) ज्यादा होता है जो थायराइड को कंट्रोल करने मे मदद करता है।
  4. बाज़ार मे उपलध सफेद नमक का थायराइड मे परहेज करे, खाने मे सेंधा या काला नमक प्रयोग करे।

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