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स्वास्थ्य

8 कसरत आपके शिशु की मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने के लिए

Supriya Jaiswal
0 से 1 वर्ष

Supriya Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 08, 2019

8 कसरत आपके शिशु की मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने के लिए

उचित खानपान और व्यायाम किसी भी इंसान के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब आपका शिशु चलना सीख रहा हो, घुटनो पर भागता हो, या बैठने की कोशिश कर रहा हो तो जरुरी है कि उसकी हड्डियाँ व मांसपेशियां मजबूत हों।

आइए जानते हैं कि आपके शिशु के लिए कौन से व्यायाम फायदेमंद हैं / Exercises to Help Baby Get Stronger In Hindi

  1. टमी टाइम: आपका शिशु अधिकर समय अपनी पीठ के बल लेटकर ही बिताता है। दिन में थोड़े समय के लिए उसे पेट के बल लिटाएं। इससे उसकी गर्दन, हाथ, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियों को विकसित होने में मदद मिलेगी। तीन से पांच मिनट के सेशन के लिए आप बच्चे को पेट के बल लिटाएं। चाहे तो एक कंबल पर या फर्श पर मैट बिछाकर उसे लिटा सकते हैं। बच्चे को पेट के बल लिटाने के बाद आप खुद उसके साथ के पेट के बल लेटें। उससे बातें करें, गाना गाएं, या उसे एक खिलौना भी दे सकती हैं जिससे वो अपना मन बहला सके। इस ब्लॉग को भी जरूर पढ़ें:- शिशु को डकार दिलाने के आसान तरीके
     
  2. सिट-अप्स: सिट-अप्स की मदद से आपके शिशु के कंधे, कोर, पीठ और बाहों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। सिट-अप्स के दौरान जब आप पुलिंग करती है तो इससे आपके बच्चे की पेट की मांसपेशियों विकसित होती है। अपने बच्चे को उसकी पीठ पर लिटाएं और उसके हाथों को पकड़कर धीरे से अपनी दिशा में खींचें, फिर उसे लिटा दें। इस प्रक्रिया को दोहराएं। अगर आपका बच्चा अभी ज्यादा छोटा है तो उसके हाथों को पुल करके ये एक्सरसाइज ना कराएं। बल्कि उसे उसके सिर की मदद से उठाएं। अपने हाथों से उसके कंधों को सपोर्ट करें और फिर उसे अपनी ओर खींचे। ध्यान रखें कि व्यायाम के दौरान बच्चे का सिर उसके शरीर की सीध में रखें। इससे बच्चे के शरीर में संतुलन बढ़ता है। इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें:- शिशु के गिर जाने, चोट लगने पर क्या करें ? 5 ध्यान देने वाली बातें
     
  3. बायसाइक्लिंग: आपने अपनी मां या घर पर किसी बुजुर्ग सदस्य को कहते सुना होगा कि बच्चे को पैरों से साइकिल कराना सेहतमंद होता है। यह एक अच्छा व्यायाम है जो आपके शिशु के पैर, कमर, घुटनों, और पेट के लिए फायदेमंद होता है। इसकी मदद से आपके शिशु के शरीर का लचीलापन और गति का स्तर बढ़ता है। बायसाइक्लिंग कराने के लिए अपने बच्चे को पीठ के बल लिटाएं और उसके पैरों को हल्के से ऊपर उठाएं। इसके बाद उसके पैरों को गोल घुमाएं जिस तरह साइकिल में पैडल मारते हैं। इस व्यायाम को तब तक करें जब तक आपका बच्चा यह पसंद करें। इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें : साइकिल चलाने का आनंद और इसके फायदे
     
  4. वेट लिफ्टिंग: वस्तुओं को उठाना शिशु के व्यायाम का बेहतर तरीका है। इससे बच्चे की पकड़ने की क्षमता, हाथ और आंखों के बीच समन्वय बनता है। बच्चा जब 3 से 4 महीने की उम्र में होता है तो वह सामान उठाना शुरु कर देता है। इस दौरान आप बच्चे को ये एक्सरसाइज करा सकते हैं। घर में रखें छोटे-छोटे सामान जैसे खिलौने, झुनझुना आदि बच्चे को उठाने के लिए दें। अपने बच्चे को बाउंसी सीट पर बिठाएं और उसके सामने ये सामान रख दें। अब शिशु को ये सामान उठाने के लिए प्रेरित करें
     
  5. चेस्ट क्रॉस: अपने बच्चे के दोनों हाथों को पकड़ें, उन्हें बाहर की ओर फैलाएँ। दोनों हाथों को पकड़ें रहें, बच्चे के बाएँ हाथ को सीने पर दाहिनी ओर तथा दाएँ हाथ को सीने पर बाईं ओर ले जाएँ। हाथ फिर से बाहर की ओर फैलाएँ। ऐसा लगभग 5 बार करें, किन्तु ध्यान रखें कि बच्चे के हाथ धीरे से खींचे और अगर उसे कोई भी असुविधा होती है या वो रोता- चिड़चिड़ता है, तो कुछ देर बच्चे को स्वयं ही खेलने दें।
     
  6. टो टू इयर: बच्चे को पीठ के बल लिटाएँ। उसके पैरों को सीधा रखें और धीरे से उसके दाएँ पैर पैर के अंगूठे को बाएँ कान की तरफ लाने की कोशिश करें (पैर को जबर्दस्ती कान से छूने के लिए ज़ोर न लगाएँ), और फिर पैर सीधा कर दें। पुनः बाएँ पैर का अंगूठा दाएँ कान कि तरफ लाएँ, और फिर पैर सीधा कर दें।
     
  7. टॉय सर्चिंग: अभी आपका बच्चा घुटनों के बल रेंगना सीख रहा है। उसे चलने के लिए प्रेरित करने का आसान तरीका है कि आप उसके प्रिय खिलौने उसकी पहुँच से कुछ दूरी पर रखें जिससे उन तक पहुँचने के लिए उसे घुटनों के बल चलने की जरूरत हो। आप कमरे में ही कुछ दूरी पर खड़े होकर बच्चे को अपने पास बुलाएँ, वह धीरे- धीरे आपकी ओर आने की कोशिश करेगा, जिससे उसके हाथ- पैरों की गतिविधि बढ़ेगी। किन्तु ध्यान रखें कि कमरे में कोई ऐसी चीज न हो जिससे बच्चे को चोट लगे। 
     
  8. सपोर्ट वाकिंग: आपका बच्चा जब अपने आप, बिना सहारे के खड़ा होना सीख रहा है, तब उसे कुछ कदम आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कीजिए। पहिये वाला लकड़ी का कोई खिलौना जिसका एक सिरा बच्चे के हाथों में हो और जब वो खिलौना आगे बढ़ेगा तो आपका बच्चा भी उसके सहारे धीरे- धीरे कदम बढ़ाएगा। ऐसे चलने से उसके पैरों कि गतिविधि तो बढ़ेगी ही, साथ ही हाथों की ग्रिप भी मजबूत होगी।

 कोई भी व्यायाम कराएं, इस बात का पूरा ध्यान रखें कि बच्चे को कोई दर्द अथवा असहजता न हो। साथ ही खिलौनों को अच्छी तरह जांच लें, कि वो इतने छोटे न हों जो बच्चा उसे मुंह में डाल ले, और न ही उसमें कोई ऐसा नुकीला अथवा धातु का हिस्सा हो जिससे बच्चे को चोट लग सकती है। बच्चे के खाने और सोने का भी पूरा ध्यान रखें। इस प्रकार हँसते खेलते आपका बच्चा मजबूत मांसपेशियों और हड्डियों के साथ बड़ा होगा।  

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 7
कमैंट्स()
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| Mar 13, 2019

kaise karen kasrat baby ki aur kon si

  • रिपोर्ट

| Feb 23, 2019

apki jankari bilkul shi h

  • रिपोर्ट

| Dec 10, 2018

meri baby 4 month ki h vo green poti kr rhi h Mai kya kru jisse uski poty ruk jaaye tell me?

  • रिपोर्ट

| Aug 18, 2018

nice block thank u

  • रिपोर्ट

| Aug 07, 2018

CA?

  • रिपोर्ट

| Jun 07, 2018

meri beti ki legs andar se straight nhi hain, sabhi kehte hain jb chlne lgegi theek Ho jayegi... malish bhi karti hu bahar ki Hor se kya aise malish krna shi hai? kya wo theek Ho jayegi ya Dr ko dikhana chahiye? Wo 8month ki hai, pls say any advice

  • रिपोर्ट

| Jun 05, 2018

mene bacche ki malish k samay dhyan nahi dia aur uske pair ka panja andar ki or mud gya hai malish k steps btae jisase sidha ho jae

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