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गर्भावस्था मे इमली या खट्टा खाने के नुकसान और फायदे

Pooja Kaushik
गर्भावस्था

Pooja Kaushik के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Mar 26, 2020

गर्भावस्था मे इमली या खट्टा खाने के नुकसान और फायदे
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

गर्भावस्था में महिलाओं को काफी चीजे खाने का मन करता है। जैसे की अचार, इमली और खट्टी चीजें वगैरह आदि। देखा गया है की कई महिलाएं तो चोरी छिपे तो कई खुलेआम सबके सामने इन चीजों को खाती दिखती है।इमली कई पोषक तत्वों से भरपूर है जिसमें विटामिन सी, ई और बी । इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैगनीज और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी होता हैं। इमली के सेवन से दिल की सेहत दुरुस्त रहती है। यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल कम करती है और इसमें मौजूद पोटैशियम बीपी नियंत्रित करने में मदद करता है।

गर्भावस्था मे इमली खाने के कुछ नुकसान / Losses of Eating Imli During Pregnancy in Hindi

कोइ भी सही मात्रा में इस्तेमाल होने पर सुरक्षित होती है I दवा के रूप में उपयोग करने के लिए इमली सुरक्षित है , क्युकी इसमें कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैगनीज और फाइबर अच्छी मात्रा में है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी हैं। इमली के सेवन से दिल की सेहत दुरुस्त रहती है । पर गर्भावस्था मे दिये गये कुछ कारणो से इसका सेवन करना ज्यादा लाभदायक नही है...

1.विटामिन सी

  • इमली एक स्वस्थ पोषक तत्व है और आप के दैनिक आहार के लिए एक अच्छा अतिरिक्त है। इमली मे विटामिन सी बहुत ज्यादा मात्रा मे होता है। लेकिन, अधिक मात्रा मे, विटामिन C  से गर्भवती महिलाओं पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है ।

  • गर्भवती महिलाओं में, अधिक विटामिन सी भी गर्भपात का कारण बन सकता है। गर्भावस्था के पहले महीने में, बहुत अधिक विटामिन सी लेने से प्रोजेस्टेरोन का उत्पादन कम हो सकता है, जिससे गर्भपात हो सकता है।

  • कुछ स्त्रीरोग विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन सी की बहुत अधिक खपत से भ्रूणों में सेल को कम कर सकता है।

2. दस्त लगना

इमली कब्ज से राहत लाने में मदद करता है, जो कि गर्भावस्था के दौरान एक सामान्य समस्या है। हालांकि, बहुत अधिक इमली खपत करने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • इससे अनियंत्रित दस्त हो सकती है, जो गर्भावस्था को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • शरीर मे पानी कि कमी कर सकता है।
  • यह गर्भाशय के संकुचन को उत्तेजित कर सकता है, खासकर गर्भावस्था के अंतिम चरण के दौरान प्री-टर्म  डिलीवरी होने की सम्भावना होती है।

3. इमली का दवा के साथ रीएक्शन

  • एस्पिरिन इमली के साथ रियेक्ट करने के लिए जाना जाता है।
  • आम तौर पर इमली शरीर में एस्पिरिन के अवशोषण को बढ़ाता है।
  • इमली एस्पिरिन के दुष्प्रभावों को प्रेरित कर सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान एस्पिरिन ज्यादा लेने से डिलीवरी में देरी हो सकती है।
  • एस्पिरिन कि तरह इमूप्रोफेन भी इमली के साथ हानिकारक हो सकता है।
  • इमूप्रोफेन लेने से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है।
  • इससे बच्चे के दिल का मार्ग स्थायी रूप से बंद हो सकता है, जिससे हृदय और फेफड़े के नुकसान हो सकते हैं और मृत्यु भी हो सकती है।
  • इबुप्रोफेन भी श्रम में देरी कर सकती है।

4. गर्भावस्था और स्तनपान

  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलायो के लिये इमली खाना सही है या नहि इसका अभी कोइ खास प्रमाण नही है।
  • पर माना जाता है कि स्तनपान कराने वाली महिलाये अगर इमली खाती है तो उनके दुध हे पोषण तत्व कम हो जाते है और दुध आना भी कम हो जाता है या बंद हो जाता है।

5. सर्जरी

  • इमली ब्लड सुगर के स्तर को कम कर सकता है।
  • जो सर्जरी किसी के दौरान या उसके बाद में रक्त ब्लड सुगर के नियंत्रण में हस्तक्षेप हो सकता है।
  • तो अगर अपकी डिलीवरी सर्जरी से होने वाली है तो कम से कम 2 सप्ताह पहले इमली का उपयोग करना बंद कर दे।

कोइ भी चीज़ सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर सुरक्षित होती है I दवा के रूप में उपयोग करने के लिए इमली सुरक्षित है , क्युकी इसमें कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैगनीज और फाइबर अच्छी मात्रा में है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी हैं। इमली के सेवन से दिल की सेहत दुरुस्त रहती है । 

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इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

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