गर्भावस्था

गर्भावस्था में पैरों के दर्द से ऐसे पाएं निजात

Sadhna Jaiswal
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Sadhna Jaiswal के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Oct 11, 2018

गर्भावस्था में पैरों के दर्द से ऐसे पाएं निजात

प्रेगनेंसी एक ऐसा दौर होता है, जिसमे आपको अपना खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। इस समय शरीर में कई तरह के हार्मोनल चेंजेस होते है और इन्ही हार्मोनल चेंजेस से पैरो में दर्द की समस्या भी बनी रहती है। इस अवस्था में ये आम बात है। पैरों में दर्द की समस्या आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के कारण भी हो सकती है। इसके लिए आपको एक बार डॉक्टर से भी सलाह लेनी चाहिए या फिर हो सकता है इसका कोई जेनेटिक कारण हो। कई बार ऐसी अवस्था में अच्छी नींद ना मिल पाने के कारण भी पैरो में बैचेनी और दर्द की समस्या हो जाती है। 

गर्भावस्था के दौरान क्यों होता है पैरों में दर्द? / Why Is Pain In The Feet During Pregnancy In hindi

विशेषज्ञों की माने तो पैरों के दर्द की समस्या अधिक तनाव या फिर आहार में कमी की वजह से हो सकती है। इस समय आपको अपने खान-पान और जीवनशैली की आदतों पर ध्यान देना होगा।

  • गर्भावस्था में शरीर का वजन तीसरे महीने से ही बढ़ने लगता है और बढे हुए वजन का दबाव आपके पैरो पर पड़ता है, इसलिए भी रात में सोते समय जब पैरो को आराम मिलता है तो मॉसपेशियों में दर्द होने लगता है।
     
  •  इस अवस्था में खान-पान पर ज्यादा ध्यान न देने से शरीर में विटामिन्स, मिनरल्स, मैगनिशियम और पोटेशियम की कमी हो जाती है जिससे पैरो में दर्द होता है। 
     
  • इस अवस्था में यदि आप रात में कार्बोहाईड्रेट की मात्रा ज्यादा ले रही है तो भी आपके पैरों में बेचैनी का अहसास होने लगता है। 
     
  • कभी-कभी कुछ मामलो में देखा जाता है की गर्भाशय के बढ़ जाने के कारण पैरों तक जाने वाली कुछ नसें दब जाती है, जिससे पैरों में खून का प्रवाह कम हो सकता है और ये दर्द का कारण बन सकता है। 
     
  • पैरों में दर्द की समस्या आयरन की कमी से होने वाले अनीमिया के कारण भी हो सकता है।
     
  • ऐसी अवस्था में शरीर में  इलेक्ट्रोलाईट और पोषण की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। 

पैरो के दर्द से निजात पाने के कुछ उपाय / Some Ways To Get Rid Of Pain In The Feet In Hindi

 

  • पैरो के दर्द से निजात पाने का सबसे अच्छा उपाय है नियमित रूप से व्यायाम करना, चाहे ये कुछ ही समय के लिए क्यों ना किया गया हो लेकिन नियमित रूप से सुबह के समय और सोने से पहले पैरो को स्ट्रेचिंग जरुर करें। 
     
  • इस अवस्था में अक्सर पानी की कमी से भी पैरो में बैचेनी, जलन होती है तो इसके लिए भरपूर मात्रा में पानी पीयें। रात में सोने से पहले भी पानी पीना ना भूले, क्योकि ऐसी अवस्था में शरीर से तरल पदार्थ भी निकलते है। 
     
  • पैरो के दर्द को कम करने के लिए आप गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक डालकर अपने पैरो को उसमे डुबोकर रखें इससे पैरो में होने वाली जलन, सूजन भी कम हो जाएगी और आपके पैरो को आराम मिलेगा। 
     
  • इस अवस्था में बहुत अधिक एक ही अवस्था में बैठे रहना या लेटे रहना भी आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है, इसलिए इस दौरान कुछ समय के लिए जरुर चलना-फिरना चाहिए, यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है और पैरों की मासपेशीयां भी मजबूत होती है।
     
  • यदि पैरो में दर्द और सुजन अधिक हो गयी हो तो आप उसकी सिकाई भी कर सकती है, इसके लिए आप गर्म पानी रबर के थैली में भरकर या फिर गर्म पानी की बोतल का भी उपयोग कर सकती है।
     
  • इस अवस्था में पैरो के दर्द को कम करने के लिए योगा, ध्यान या फिर एक्यूपंचर का भी सहारा लिया जा सकता है। 

यदि आपके पैरो में ज्यादा दर्द हो रहा हो और ये लगातार बना हुआ हो या फिर पैरो में सुजन और लालिमा ज्यादा बढ़ गयी हो तो, ऐसे में आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए क्योकि हो सकता है शरीर में इस दौरान किसी तत्व की कमी आई हो इसलिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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