• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
गर्भावस्था

प्रसव के बाद ताकत के लिए कैसे बनाएं गोंद के लड्डू

Megha
गर्भावस्था

Megha के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Jul 07, 2020

प्रसव के बाद ताकत के लिए कैसे बनाएं गोंद के लड्डू
विशेषज्ञ पैनल द्वारा सत्यापित

बच्चे के जन्म के बाद जच्चा के शरीर में होने वाली कमज़ोरी को दूर करने के लिए उसे ताकत की कई चीज़े खिलाई जाती हैं। गोंद के लड्डू भी उनमें से एक है, जो जच्चा के शरीर की हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं। प्रसव के बाद ताकत के लिए बनाए जाने वाले इन लड्डू की क्या है विधि, आइए जानें।

गोंद का लड्डू बनाने के लिए सामग्री / Ingredients for making Gond ladoos In Hindi

200 ग्राम गोंद

1 कप आटा

2 कप चीनी

1 कप देसी घी

1 चम्मच खरबूज़े के बीज

50 ग्राम बादाम

5-10 छोटी इलायची

इस ब्लॉग को भी जरूर पढ़ लें :- प्रसव के बाद के इन लक्षणों को बेहद गंभीरता से लें

गोंद के लड्डू बनाने की विधि / Gond Laddoo Recipe In Hindi 

सबसे पहले गोंद को बारीक तोड़ लें। गोंद को तोड़ने के लिए आप सिल का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। अब कढ़ाई में घी गर्म करें और फिर उसमें गोंद को भून लें। जब गोंद अच्छी तरह से फूलने लग जाए, तब समझिए कि वो भुन गया है। अब उसे एक बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें। अब घी में आटे को भी हल्का सुनहरा होने तक भून लें और फिर उसे निकालकर अलग रख दें। अब कढ़ाई में चीनी और पानी मिलाकर चाशनी बना लें। इस चाशनी में भुना हुआ गोंद, आटा व मेवा मिलाएं। मिश्रण के थोड़ा ठंडा हो जाने पर लड्डू का आकार दें। वैसे जच्चा के लिए बनाए जाने वाले इन लड्डुओं में सोंठ का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

गोंद के लड्डू के फायदे / Gond Ladoos Benefits For Moms Post Pregnancy In hindi 

  • शिशु के जन्म के बाद महिलाओं की रीढ़ की हड्डी में अत्यधिक दर्द होता है, इसके सेवन से दर्द में राहत मिलती है।
     
  • प्रसव के बाद शरीर टूट जाता है। इसके सेवन से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है।
     
  • इस पोषण भरें आहार का फ़ायदा शिशु को भी स्तनपान के माध्यम से पहुंचता है।
     
  • इन लड्डू के सेवन से स्तनों में दूध की वृद्धि होती है। यह लड्डू आपको प्रसव के बाद आई कमज़ोरी को जल्दी से रिकवर करने में मदद करते हैं।

नोट- जिनकी डिलीवरी सर्जरी या जटिलता से होती हैं, उन्हें ये लड्डू नहीं दिए जाते हैं। सर्जरी के टांके ठीक होने के बाद ही इनका सेवन करवाया जाता है क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है जिससे टाकों के प्रभावित होने की आशंका रहती है।

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

इस ब्लॉग को पेरेंट्यून विशेषज्ञ पैनल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा जांचा और सत्यापित किया गया है। हमारे पैनल में निओनेटोलाजिस्ट, गायनोकोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, चाइल्ड काउंसलर, एजुकेशन एंड लर्निंग एक्सपर्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, लर्निंग डिसेबिलिटी एक्सपर्ट और डेवलपमेंटल पीड शामिल हैं।

  • 6
कमैंट्स ()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Sep 21, 2019

बहोद यसी जान कार हे

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Sep 21, 2019

लेकीन डीलेवरी के बाद कमर मे दंद कुयु रहताहे

  • Reply
  • रिपोर्ट
  • Reply
  • रिपोर्ट

| Oct 23, 2019

Surgery ke kitne time bad gond ke Ladoo khane chahiye

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Nov 02, 2019

Very swadist y to Punjabi pinni hy

  • Reply
  • रिपोर्ट

| Nov 19, 2019

Thanks

  • Reply
  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

टॉप गर्भावस्था ब्लॉग

Sadhna Jaiswal

आज के दिन के फीचर्ड कंटेंट

गर्भावस्था

Ask your queries to Doctors & Experts

Download APP
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}