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क्या बच्चे की त्वचा पर मलाई लगाना सुरक्षित होता है?

क्या बच्चे की त्वचा पर मलाई लगाना सुरक्षित होता है?

Published: 29/07/25

Updated: 29/07/25

शिशु की मालिश
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मानव जीवन में सबसे सुंदर पल मानव जन्म का है. 9 महीने और तकरीबन 9 दिन के बाद एक गर्भवती महिला शिशु को जन्म देती है. शिशु जन्म के साथ ही शिशु के लालन पालन को लेकर शिशु के माता पिता चिंतित रहते हैं. इसमें शिशु का स्नान और शिशु की साफ सफाई बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिशु जन्म के साथ ही शिशु के माता पिता बच्चे की कोमल त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के लोशन और क्रीम का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, जब बच्चे की स्किन की देखभाल का सवाल आता है तो अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या बच्चे की त्वचा पर मलाई लगाना सुरक्षित है. 

इस सवाल का बेहद आसान सा सवाल है. हां, बच्चे की त्वचा पर दूध की मलाई या क्रीम लगाना सुरक्षित है बशर्ते मलाई या क्रीम फ्रेश हो. मलाई ऐसे दूध से निकली हो जो मिलावट ना हो साथ ही यह बच्चे की त्वचा के प्रकार, उम्र और स्थिति पर भी निर्भर करता है. चलिए हम आपको यहां यह समझाने की कोशिश करते हैं कि बच्चे की त्वचा पर मलाई या क्रीम लगाना कितना सुरक्षित है. और अगर आप बच्चे की त्वचा पर मलाई या क्रीम लगाने जा रहे हैं तो वो कौन से उपाय या सावधानियां हैं जिन्हें हर माता पिता को अपनाना चाहिए. 

1. त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी - बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक और कोमल होती है. साथ ही बच्चों की त्वचा संवेदनशील भी होती है, खासकर नवजात शिशुओं की ऐसे में मलाई का इस्तेमाल करने से पहले इस यह समझना बेहद जरूरी है कि आप जो मलाई इस्तेमाल करने जा रहे हैं उसकी क्वालिटी कैसी है. क्योंकि मलाई या क्रीम त्वचा को नमी प्रदान करेगी, त्वचा में समा जाएगी ऐसे में मलाई की गुणवत्ता को समझना बेहद जरूरी है. वहीं, सभी बच्चों को मलाई लगाना सुरक्षित भी नहीं हो सकता क्योंकि मलाई लगाने से बच्चों को एलर्जी या जलन भी हो सकती है. 

2.  त्वचा पर लगाने से पहले त्वचा के प्रकार को समझना आवश्यक- अगर बच्चे की त्वचा रूखी है तो मलाई एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर के तौर पर आजमाया जा सकता है. हालांकि, इसे लगाने से पहले त्वचा पर पैच टेस्ट करना आवश्यक है. चलिए हम आपको पहले यह बता देते हैं कि पैच टेस्ट क्या है. 

पैच टेस्ट क्या है?

पैच टेस्ट एक तरह के स्किन पर किया जाने वाले एक ऐसा टेस्ट है जिससे आप स्किन पर प्रयोग करने वाले प्रॉडक्ट की जांच कर सकते हैं. मलाई का पैच टेस्ट करने के लिए त्वचा के एक छोटे हिस्से जिसमें बाजू पर तकरीबन एक इंच के हिस्से पर मलाई को लगाना चाहिए. इसे कम से कम 12 घंटे लगा रहने दें. अगर इस दौरान बच्चे को जलन या परेशानी होती है तो तुरंत ही साधारण पानी से धो दें. ज्यादा जलन या रैशेज पड़ने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें और परामर्श लें. 

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3.  रूखी त्वचा-अगर बच्चे की त्वचा रूखी है और बच्चे को मलाई लगाने से किसी भी प्रकार की एलर्जी या परेशानी नहीं है तो यह एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है. मलाई या दूध की क्रीम सबसे अच्छी क्रीम है.. इसके प्रयोग से जहां बच्चे की स्किन को प्राकृतिक पोषण मिलेगा वहीं, रूखी त्वचा से भी मुक्ति मिलेगी. 

 

4.  मालिश- मलाई की मालिश करने से बच्चे के स्किन को मॉइस्चराइजर तो मिलता ही है साथ ही त्वचा चमकदार भी बनती है. वहीं, मलाई की ज्यादा मालिश करने से त्वचा के रोम छिद्र भी बंद हो सकते हैं. जिससे दाने या खुजली की समस्या हो सकती है. इसलिए मलाई से मालिश करें लेकिन, लगातार और लंबे समय तक मलाई के प्रयोग से बचे. 

5.  अगर बच्चे को त्वचा की समस्याएं हैं तो क्या करें - अगर बच्चे को एक्जिमा, डर्मेटाइटिस या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं हैं, तो मलाई लगाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह स्थिति को और बिगाड़ सकता है.  ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि बच्चे को मलाई या क्रीम लगाने से बचे और त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही किसी उपयुक्त क्रीम का इस्तेमाल करें. 

6.  स्वच्छता का रखे ख्याल - मलाई का इस्तेमाल करने से पहले स्वच्छता का खास ख्याल रखना चाहिए. क्योंकि मलाई में कई तरह की अशुद्धियां और बैक्टीरिया हो सकते हैं. जो बच्चे की स्किन के लिए हानिकारक साबित हो सकती है. इसलिए हमेशा ताजी मलाई और दूध का इस्तेमाल करना चाहिए. 

दूध की मलाई का प्रयोग करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ और त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए वहीं, बच्चों के लिए स्पेशल तरीके से  ने हाइपोएलर्जेनिक और खुशबू रहित लोशन का ही इस्तेमाल करना चाहिए. क्योंकि यह बच्चों की त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं. मलाई का उपयोग पारंपरिक हो सकता है, लेकिन यह हमेशा वैज्ञानिक रूप से इसे सुरक्षित नहीं माना जाता इसलिए जब कभी भी मलाई का प्रयोग करें तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. 

मलाई लगाने से पहले रखें निम्नलिखित सावधानियां-

1. मलाई लगाने से पहले हमेशा बच्चे की त्वचा पर छोटे हिस्से में टेस्ट करें और 24 घंटे तक किसी भी लालिमा, खुजली या जलन के लिए निगरानी करें।

2.  नवजात शिशुओं (0-6 महीने) के लिए मलाई का उपयोग करने से बचें, क्योंकि उनकी त्वचा अत्यधिक संवेदनशील होती है।

3.  अगर आप मलाई का उपयोग करना चाहते हैं, तो इसे कम मात्रा में और केवल रूखी त्वचा पर इस्तेमाल करें।

4. बेहतर होगा कि आप किसी बाल रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें, खासकर अगर बच्चे की त्वचा पर कोई समस्या हो।

जी हां, यह कुछ ऐसी सावधानियां हैं जिनका ख्याल रखना जरूरी है. वहीं, बच्चों की त्वचा पर क्रीम या मलाई लगाने से पहले इस बात की जांच भी कर लेनी चाहिए कि वो बच्चे के लिए सुरक्षित है. साथ बच्चे की स्किन पर मलाई के अलावा कोई भी प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह भी जरूर लेनी चाहिए. खासतौर पर तब यह बहुत जरूरी हो जाता है जब बच्चे की त्वचा सेंसिटिव हो. 

साथ ही बच्चों की त्वचा पर कुछ भी प्रॉडक्ट लगाने से पहले उसका पैच टेस्ट भी अवश्य ही करना चाहिए. पैच टेस्ट से किसी भी प्रॉडक्ट की गुणवत्ता और बच्चे की त्वचा पर पड़ने वाले असर की पहले ही जांच हो जाती है. साथ ही यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके प्रयोग के बाद आप उत्पाद के प्रति बेफ्रिक भी हो जाते हैं. 

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