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क्या बच्चों की त्वचा पर बेसन का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
Published: 31/05/25
Updated: 31/05/25
बच्चों की त्वचा कोमल और संवेदनशील होती है. इसलिए बच्चों को नहलाने के लिए साधारण साबुन शैम्पू की जगह अच्छे प्रकार के सौम्य शैम्पू और साबुन का प्रयोग करने की हिदायत दी जाती है. वहीं, बहुत से लोग बच्चों को नहलाने के लिए बहुत से लोग बेसन या मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करते हैं.
इस लेख में हम आपको जानकारी देंगे कि क्या बच्चों की त्वचा के लिए बेसन का इस्तेमाल सुरक्षित है.
बच्चों की त्वचा के लिए बेसन सेफ विकल्प है
बेसन एक प्राकृतिक उत्पाद है. बेसन भुनी हुई चने की दाल या साधारण चने की दाल को पीसकर बनाया जाता है. बेसन का इस्तेमाल ना सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के बहुत से देशों में एक उम्दा स्किन क्लींजर के तौर पर किया जाता है. बच्चों की स्किन या त्वचा के लिए बेसन का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित माना गया है. क्योंकि इसमें कोई हानिकारक रसायन नहीं होते ऐसे में इसका इस्तेमाल किसी के लिए भी सुरक्षित माना गया है. घरेलू उपाय की बात की जाए तो बेसन का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल और उबटन, फेस मास्क और त्वचा को मुलायम करने, त्वचा से अतिरिक्त तेल हटाने और मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए किया जाता है. बेसन का फेस पैक का इस्तेमाल भारतीय महिलाएं अक्सर करती हैं और तरोताजा रहती हैं.
बच्चों की आयु का रखें विशेष ख्याल
नवजात शिशुओं जो 0 से 6 महीने तक की आयु के हैं उनकी त्वचा बेहद नाजुक होती है. इसलिए इसलिए उनके लिए बेसन का इस्तेमाल करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
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बेसन का इस्तेमाल कब नहीं करना चाहिए
अगर बच्चे की त्वचा पर कोई घाव, लालिमा या एक्जिमा या बच्चे को एलर्जी है तो बेसन का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. क्योंकि बेसन की हल्की रगड़ ये बच्चे की परेशानी और बढ़ सकती है. ऐसे में इस बात का ध्यान रखें की बेसन का इस्तेमाल ना ही करें, वहीं अगर बच्चे को चने या बेसन से एलर्जी है तो भी इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
बेसन बच्चों की त्वचा के लिए सुरक्षित है बशर्तें इसका सही और सावधानी से इस्तेमाल किया जाए.बच्चे की त्वचा को ध्यान में रखकर किया जाए वहीं, अगर बच्चे को बेसन से किसी भी तरह की परेशानी या एलर्जी है तो डॉक्टर की सलाह पर ही बेसन का इस्तेमाल किया जाए.
बच्चों की त्वचा के लिए बेसन का प्रयोग करने से पहले सावधानी
बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है. ऐसे में बेसन को सीधे इस्तेमाल करने से पहले इसमें थोड़ा सा दूध, दही या शहद मिलाकर हल्का पेस्ट बनाएं. यह त्वचा को ग्लो करता है. स्किन की देखभाल करता है और नरमी से काम करता है. बच्चों की त्वचा पर बेसन का इस्तेमाल करने से पहले पेच टेस्ट भी करना चाहिए.
बेसन के प्रयोग से एलर्जी टेस्ट
स्किन पर किसी भी प्रकार के उत्पाद से पहले उत्पाद का एलर्जी टेस्ट किया जाना चाहिए. इसके लिए बच्चे की त्वचा पर एक छोटे हिस्से जैसे कलाई या बाजू पर बेसन का पेस्ट लगाकर 24 घंटे निगरानी करनी चाहिए. अगर पेस्ट लगने की जगह पर खुजली, जलन या लालिमा दिखे तो यह बच्चे की स्किन के लिए सुरक्षित नहीं है. और अगर इनमें से कोई भी लक्षण नहीं दिखाई दें तो यह मिश्रण बच्चे की त्वचा के लिए सुरक्षित है.
साफ और शुद्ध बेसन का ही इस्तेमाल करें
बाजार में कई तरह का बेसन आता है. और यह बात भी सच है कि कुछ पैसों के लालच में बहुत से व्यापारी नकली बेसन भी बेचते हैं. जो मटर की दाल से बना होता है. इस तरह के बेसन का इस्तेमाल रेहड़ी पटरी वाले समोसे और ब्रेड पकोड़े बनाने के लिए करते हैं. यह मटर का बेसन त्वचा के लिए सेफ नहीं होता. वहीं, चने की दाल से बना बेसन त्वचा के लिए सुरक्षित भी है और त्वचा की देखभाल भी करता है. बेसन साफ सुथरा हो इसे भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए. साथ ही बेसन अगर घर पर तैयार किया जाए तो वो सबसे अच्छा विकल्प है.
घर पर कैसे बनाएं बेसन
घर पर बना बेसन शुद्धता के मामले में 100 प्रतिशत शुद्ध माना गया है. क्योंकि घर पर बना बेसन साफ सुथरी चने की दाल से बनता है. इसे ताजा ही पीसा जाता है. जिसकी वजह से यह बेसन त्वचा के लिए एक अच्छा उत्पाद बनकर तैयार होता है.
पुराने और अशुद्ध बेसन के प्रयोग से बचे
यह तय करना बेहद जरूरी है कि बेसन पुराना नहीं होना चाहिए. अगर आप बाजार से बेसन ले रहे हैं तो इसकी एक्सपायरी की जांच कर लें. वहीं, बेसन शुद्ध हो इसकी जांच भी करें. साथ ही बेसन साफ सुथरा हो इसकी भी जांच कर लें. क्योंकि मिलावटी बेसन बच्चे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है.
बच्चों के लिए किस तरह के बेसन मिश्रण का इस्तेमाल करें
बच्चों की त्वचा नाजुक होती है. इसलिए बेसन के साथ थोड़ी मात्रा में दूध, दही और शहद मिलाने की सिफारिश की जाती है. वहीं, बच्चों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बेसन में हल्दी, नींबू का रस नहीं मिलाना चाहिए. क्योंकि यह मिश्रण बच्चों की त्वचा के लिए काफी तीखा साबित हो सकता है. इनका इस्तेमाल बेहद कम मात्रा में या फिर करना ही नहीं चाहिए.
बच्चों की त्वचा पर बेसन ज्यादा नहीं रगड़ना चाहिए
इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों की त्वचा पर बेसन का मिश्रण ज्यादा देर तक नहीं रगड़ा जाना चाहिए. क्योंकि बच्चों की त्वचा आसानी से क्षतिग्रस्त हो सकती है.
कब कब नहीं किया जाना चाहिए बेसन का इस्तेमाल
अगर बच्चे को बेसन से एलर्जी है तो बेसन का प्रयोग ना करें. वहीं, बेसन एक प्राकृतिक उत्पाद है. और इसका प्रयोग सीधे तौर पर करने से बचना चाहिए. हालांकि इसका कोई नुकसान भी नहीं है. लेकिन बेसन त्वचा का अतिरिक्त तेल सोखने का काम करता है. पसीने को साफ करके रोम छिद्र खोलने का काम करता है. ऐसे में बेसन एक अच्छा क्लिनजर है. लेकिन, बेसन का त्वचा पर ज्यादा रगड़ देने से लाल निशान हो सकते हैं. घाव या चोट के दौरान भी बेसन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
संक्षेप में बेसन का इस्तेमाल कही तरह सा लाभदायक है. बच्चे कि लिए भी और साधारण लोगों के लिए भी. वहीं, इसके इस्तेमाल में थोड़ी सावधानी जरूरी है. छोटे बच्चों के लिए बेसन में दही, दूध शहद मिलाना इसके फायदों को बढ़ा देता है और सुरक्षित भी बना देता है.
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