क्या आपके बच्चे भी बाल खींचते ...
क्या आपके बच्चे भी बाल खींचते हैं? समझें बच्चों में ट्रिकोटिलोमैनिया के लक्षण
Published: 04/02/25
Updated: 06/02/25
ट्रिकोटिलोमेनिया एक मेन्टल हेल्थ डिसऑर्डर का नाम है जो किसी भी आयु वर्ग में देखा जा सकता है, खासकर बच्चों में। बहुत से लोग इस डिसऑर्डर के बारे में नहीं जानते।सरल शब्दों में इसे 'बाल खेंचन' या बाल खींचने की बीमारी कहा जा सकता है।क्योंकि इस बीमारी से जो लोग प्रभावित होते हैं उन्हें बार-बार अपने बाल खींचने का मन होता है। इस ब्लॉग को पढ़ने से आपको ट्रिकोटिलोमेनिया, इसके लक्षण, कारण, उपचार और अधिक के बारे में समझने में मदद मिलेगी
ट्रिकोटिलोमेनिया क्या है?
ट्रिकोटिलोमेनिया (टीटीएम) एक मानसिक डिसऑर्डर है। जिन बच्चों को यह डिसऑर्डर होता है वह अपने सर, भौह, या शरीर के अन्य हिस्सों से बार-बार बाल को खींचते रहता है. कभी-कभी वे अपनी इच्छा को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं, भले ही इससे उन्हें तकलीफ हो रही हो. आप उन्हें बार-बार रोक कर उनका ध्यान तो भटका सकते हैं लेकिन उनकी इस आदत को रोक नहीं सकते। यह बीमारी आमतौर पर 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में देखी जाती है।ये एक एपिसोड कुछ सेकंड से लेकर घंटों तक चल सकता है।
ट्रिकोटिलोमेनिया के कितने प्रकार हैं?
ट्रिकोटिलोमेनिया को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है - स्वचालित (Automatic) और केंद्रित (Focused)।
स्वचालित ट्रिकोटिलोमेनिया से पीड़ित बच्चों को यह एहसास ही नहीं होता कि वे अपने बाल नोच रहे हैं।जैसे कुछ बच्चे टेलीविजन देखते समय या दूध की बोतल पीते समय ऐसा कर सकते हैं ।केंद्रित ट्रिकोटिलोमेनिया से पीड़ित बच्चे जानबूझकर ऐसा करते हैं क्योंकि उन्हें इससे कुछ खुशी या राहत मिलती है
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क्या होता है जब बच्चे बार-बार अपने बाल खींचते हैं?
ट्रिकोटिलोमेनिया से पीड़ित बच्चे अक्सर एक बार में एक ही बाल खींचते हैं और आमतौर पर एक ही स्थान से। आप सोच सकते हैं की यह कितना पेनफुल होगा। पर यह इसका एकमात्र नुकसान नहीं है। एक ही स्थान से बाल खींचने से बाल पतले हो सकते हैं और यहां तक कि गंजेपन की समस्या भी हो सकती है।
ट्रिकोटिलोमेनिया के लक्षण
यहां कुछ लक्षण दिए गए हैं जो बताते हैं कि आपके बच्चे को ट्रिकोटिलोमेनिया हो सकता है
१. वह शरीर के विभिन्न भागों से बार-बार बाल खींचते हैं।
२. जब वे अपने बाल खींचने की इच्छा का विरोध करने की कोशिश करते हैं तो तनाव महसूस करते हैं।
३. बाल खींचने की इच्छा पूरी होने के बाद उन्हें राहत का एहसास होता है
४. वे बाल खींचने के बाद उसे काटते, चबाते या मुंह में डाल लेते हैं।
कुछ बच्चे अपनी त्वचा को नोच सकते हैं या नाखून काट सकते हैं, जबकि अन्य बच्चे अपने खिलौनों, कंबलों या यहां तक कि पालतू जानवरों के बाल भी नोच सकते हैं। यदि आपका बचा यह लक्षण दिखा रहा है तो संभव है की उन्हें ट्रिकोटिलोमेनिया है। इसका डायग्नोसिस केवल एक विशेषज्ञ की मदद से किया जा सकता है।
बच्चे अपने बाल क्यों खींचते हैं ?
एक्सपर्ट्स की माने तो जो बच्चे ट्रिकोटिलोमेनिया से ग्रसित होते हैं वह अपने इसलिए खींचते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा करने से एक तरह से संतोष प्राप्ता होता है या राहत का एहसास होता है.कुछ बच्चे ऐसा तब करते हैं जब उनमें नकारात्मक भावनाएं आती हैं, वे ऊब जाते हैं, चिंताग्रस्त होते हैं या बहुत थक जाते हैं।
ट्रिकोटिलोमेनिया का कारण क्या है
ट्रिकोटिलोमेनिया एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है और ऐसे कई कारक हैं जो इसके रिस्क्स को बड़ा सकते हैं, जैसे
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यह फॅमिली हिस्ट्री और आनुवंशिकी (जेनेटिक्स) से जुड़ा हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यदि परिवार के किसी करीबी सदस्य को यह समस्या है, तो बच्चे को भी यह समस्या होने की अधिक संभावना है।
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अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याएँ जो बच्चे को असहज महसूस कराती हैं, वे भी बाल खींचने का कारण बन सकती हैं
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आयु भी एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि यह समस्या आमतौर पर 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में देखी जाती है।
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अवसाद, चिंता या ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर जैसी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों को भी ट्रिकोटिलोमेनिया से जोड़ा गया है।
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बोरियत और अलगाव संभावित कारन हो सकते हैं और कभी-कभी यह तनाव से भी शुरू हो सकता है
ट्रिकोटिलोमेनिया का उपचार
जैसा कि आप अब तक समझ गए होंगे, ट्रिकोटिलोमेनिया एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, इसलिए ऐसी कोई दवा नहीं है जो बच्चे की मदद कर सके, हालाँकि संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी बच्चों को इससे उबरने में मदद कर सकती है। यह उन्हें अपने बाल खींचने की इच्छा पर काबू पाने के तरीके सिखाता है। अवसाद और चिंता जैसे अंतर्निहित कारकों में मदद करने के लिए दवाएँ निर्धारित की जा सकती हैं क्योंकि वे ट्रिकोटिलोमेनिया को बढ़ाते हैं
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