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असरदार ढंग से घर-परिवार संभालने के 5 जांचे-परखे तरीके

Published: 28/12/18
Updated: 13/09/19
माँ होना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, पर एक कामकाजी या घर पर रहने वाली माँ होते हुये आप चीजों को कैसे संभालेगीं जिससे शिशु और परिवार को समय देने के साथ अपना ख्याल भी रख सकें। चाहे आप घर पर रहती हों या एक कामकाजी महिला हों पर माँ होने पर आपके पास हमेशा समय की कमी होती है या समय ही नहीं होता। आपको हमेशा चिंता होती है और लगता है कि आप अपने शिशु को उतना समय नहीं दे पा रहे हैं जितना देना चाहिये। मैं पूरी तरह से आपकी कठिनाई को समझती हूँ लेकिन अगर आप कुछ चीजों को अच्छी तरह से संभाल लें तो आप दिन, फिर धीरे-धीरे सप्ताह और पूरे महीने तक ऐसा बनाये रख सकती हैं। जी हाँ, यह बहुत आसान है। अपने जीवनीसाथी, दोस्त, साथ में काम करने वाले, माता-पिता और सास-ससुर से चर्चा करने पर मैंने कुछ बुनियादी बातें समझी हैं जिन्हें मैं सभी माताओं के साथ बांटने का सोच रही हूँ।
जांचे-परखे तरीके सही तरीके से घर-बच्चे संभालने के/ Ways to Handle Home and Family in Hindi
ऐसे में कुछ बुनियादी बातों को अपनाकर आप आसानी से ऐसा कर सकते हैं। पूरा ब्लॉग पढ़ें...
#1. घर की बाई की मदद लें
हर चीज को खुद अकेले ही संभालना वाकई में अनोखा एहसास होता है लेकिन आप भी एक सीमित महिला हैं। तो ऐसा करना रोक दें और मदद करने वाले हाथ तलाशें कम से कम बुनियादी कामों के लिये जैसे साफ-सफाई, कपड़े धुलने यहाँ तक कि खाना बनाने के लिये, अगर इससे भी आप थक जाती हैं। जब आप कुछ और कर रही हों तो घर की बाई इन्हें संभालने के लिये हमेशा मददगार साबित होती है।
#2. काम का बंटवारा जरूरी है
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काम का बंटवारा करना सीखें, यह एक कला है। ऐसा करने से आपको आराम करने और तरोताजा होने के लिये ज्यादा समय मिलता है, साथ ही अपने शिशु के साथ आप ज्यादा समय गुजार सकती हैं। आप रोज-रोज के कामों जैसे साफ-सफाई, सब्जियां काटना, शिशु के डायपर बदलना, उसे कपड़े पहनाना, बर्तनों को जमाना, अपने या शिशु के बिस्तर साफ करना, धुलने वाले कपड़ों को छांटने वाले कामों का बंटवारा कर सकती हैं। अगर आप इन बुनियादी चीजों को बांटने में माहिर हो जाये तो बेशक मन की शांति और खुद के लिये आराम पा सकती हैं।
#3. नियम से चलना जरूरी है
नियमित होना तरीके से चीजों की योजना बनाने में मदद करता है और इन नियमों पर चल कर आप खुद के लिये, जीवनसाथी और परिवार के लिये भी कुछ समय बचा सकती हैं। नियमित होना आपके शिशु की परवरिश को बेहतर बनाता है, जैसे इन नियमों से आप पता कर सकती हैं कि शिशु कब सोता या जागता है।
#4. जानें-पहले क्या करना है
घर संभालना एक पूरे संगठन को को संभालने जैसा होता है जिसे चलाने की जिम्मेदारी आप पर होती हैं। तो पता करें कि आज पहले करने वाली चीजें, इस हफ्ते करने वाली और फिर अगले हफ्ते करने वाली चीजें कौन सी हैं। आप पहले करने वाली, जरूरी और जो चीजें की जानी हैं, में अंतर करने में जितना काबिल होंगी, इसे चलाना उतना ही आसान हो जायेगा। इसके लिये अपने मोबाइल में रिमाइण्डर भी डाल सकती हैं।
#5. ना कहना सीखें
अगर आप समय के कठिन दौर में हैं तो ना कहना सीखिये। अपनी राह में आने वाली हर चीज के लिये ‘हाँ’ कहने के लिये आप पर कोई बंधन नहीं हैं। किसी भी तरह के दवाब से बचना सीखिये और अपनी बात पर कायम रहिये। सामाजिक बंधन को पूरा किया जाना जरूरी है पर लगातार काम करते रहने की कीमत पर नहीं।
एक माँ होना अपने-आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। तो अपनी हद पहचानिये और एक ऐसा माहौल तैयार करिये जहाँ हर कोई शिशु की देखभाल कर सके और आपके ऊपर कोई बोझ ना हो। यह बुनियादी बातें हैं फिर भी इन साधारण बातों को अपनाने और अपनी परेशानी खत्म करने के लिये आप ज्यादातर समय जूझते रहते हैं।
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