Health and Wellness Pregnancy

गर्भावस्था मे थायराइड कि समस्या से जुड़े समाधान

Parentune Support
Pregnancy

Created by Parentune Support
Updated on May 16, 2018

गर्भावस्था मे थायराइड कि समस्या से जुड़े समाधान

महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई परीक्षणों से गुज़रना पड़ता है। कई बार खून की जांच से, जिनसे उनके गर्भवती होने का पता चलता हैउसी से उनके थायराइड की समस्या भी सामने आती है। अगर आप अपने बच्चे को इस दुनिया में लाने की तैयारी कर रही हैं तो सबसे पहले खुद की जांच करें और पता करें कि कहीं आपको थायराइड की समस्या तो नहीं। कई महिलाएं यह जानते हुए कि उन्हें थायराइड की समस्या है, अपने बच्चे को जन्म देती हैं। आपको बच्चे के जन्म के पहले थाइरोइड की समस्या को ठीक करने के उपचारों के बारे में सोचना चाहिए।

थायराइड की समस्या के लक्षण

थायराइड की समस्या तब होती है जब शरीर मे थाइरोइड की उत्पत्ति कम हो जाती है।इसकी वजह से मनुष्य के शरीर के अन्य हॉर्मोन के स्तर में भी गिरावट आती है।

  • सूजन
  • थकान
  • मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • सोने में परेशानी
  • वज़न में बढ़ोत्तरी
  • वज़न कम होना
  • आवाज़ मे भारिपन आना
  • आखो और चेहरे पर सुजन
  • सर, गर्दन और जोड़ो मे दर्द होना
     

थायरॉयड से बचाव

कब्ज से बचें

  • प्रेगनेंसी के दौरान पेट और पाचन क्रिया का सही रहना बहुत ज़रूरी होता है । ऎसी महिलाऐं जो प्रेग्नेंट हैं और पहले से ही थायराइड का शिकार हैं तो उन्हें अपने भोजन में अधिक से अधिक फाइबर लेने की ज़रूरत पड़ती है ।इससे कब्ज की शिकायत नहीं होती है।
  • क्योंकि थायराइड का लक्षण यह भी है कि यह कब्ज की शिकायत को बढ़ावा देता है और गर्भावस्था में यह संभावना लगभग दुगुनी हो जाती है।
  • थायरॉयड का खतरा प्रैग्नेंसी के पहले 3 महीने ज्यादा होता है। गंभीर थायरॉयड यानी हाइपोथायरॉयड होने से गर्भपात की संभावना बहुत बढ़ जाती हैं।

व्यायाम

  • रोजाना आधा घंटा व्यायाम करे, इससे थाइरोइड बढ़ता नही है और कंट्रोल मे रहता है। .
  • प्रैग्नेंसी में इस तरह की समस्या को नियंत्रित करने के लिए सही समय पर इसका इलाज और व्यायाम करना बहुत ही जरूरी है।
  • योग के अलावा आप मेडिटेशन भी कर सकते है।

समय-समय पर लगातार जांच कराये

  • अगर महिला को पहले से ही थायरॉयड होने की जानकारी है तो उन्हें गर्भधारण करने से पहले तो जांच करानी ही चाहिए बल्कि प्रैग्नेंसी के हर महीने भी जांच कराते रहना चाहिए।
  • डॉक्टर के सलाहानुसार, समय-समय पर लगातार जांच करानी चाहिए और नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • जिससे होने वाले बच्चे पर थायरॉयड का कोई खास प्रभाव न पड़े और गर्भवती महिला भी सुरक्षित रहें। समय रहते इस बीमारी की तरह ध्यान दिया जाए तो इस समस्या से बचना संभव है।
  • भले ही आपको थायरॉयड संबंधी कोई समस्या न हो लेकिन हर महिला को साल में एक बार थायरॉयड की जांच जरूर करानी चाहिए।

खाने -पिने पर ध्यान दें

  • आयोडीन थायराइड कंट्रोल करने मे काफी असरदार है पर जितना हो सके नेचुरल आयोडीन का सेवन करे, जेसे कि टमाटर, प्याज और लहसन।
  • तीन से चार लिटर पानी पीना चाहिए, ये शरिर से विशेले पदार्थ निकालने मे काफी मदद करता है। इसके इलावा एक से दो गलास फल का जूस भी पिए। हफ्ते मे एक बार आप नारियल पानी भी पिए तो अच्छा रहेगा ।
  • अपनी डाइट मे विटामिन (ए) अधिक मात्रा मे लें। हरी सब्जियों और गाजर मे विटामिन (ए) ज्यादा होता है जो थायराइड को कंट्रोल करने मे मदद करता है।
  • बाज़ार मे उपलध सफेद नमक का थायराइड मे परहेज करे, खाने मे सेंधा या काला नमक प्रयोग करे।

  • Comment
Comments()
Kindly Login or Register to post a comment.
+ START A BLOG
Top Health and Wellness Blogs
Loading
Heading

Some custom error

Heading

Some custom error