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खाना और पोषण गर्भावस्था

क्या होना चाहिए तीसरी तिमाही में प्रेगनेंसी डाइट चार्ट/प्रेगनेंसी आहार ?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया May 15, 2019

क्या होना चाहिए तीसरी तिमाही में प्रेगनेंसी डाइट चार्टप्रेगनेंसी आहार

तीसरी तिमाही प्रेग्नेंसी का आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसमें महिलाओं को कई तरह की शारीरिक व मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस अवधि में शरीर में होने वाले कई बदलावों की वजह से गर्भवती को काफी परेशानी भी उठानी पड़ती है। इन सब चुनौतियों से निपटने के लिए तीसरी तिमाही में काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसमें भी सबसे अहम है आहार संबंधी सावधानी। दरअसल आहार से ही मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस समय अवधि में किसी तरह का आहार लेना चाहिए और किससे परहेज करना चाहिए।

तीसरी तिमाही में जरूरी है बेहतर और संतुलित आहार / Nutritious Foods To Include In Your Third Trimester Diet In Hindi

इस समय में शिशु का विकास तेजी से होता है और उसके शरीर में चर्बी बनती है। ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसे आहार का सेवन करें जो उसे ऊर्जा दे सके। अच्छा आहार लेने से न सिर्फ शिशु बल्कि आपको भी फायदा होगा। आइए जानते हैं कि गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में किस तरह का आहार लेना चाहिए।

  1. विटामिन ‘के’ – तीसरी तिमाही में विटामिन K का सेवन आपके लिए बहुत जरूरी है। दरअसल यह शरीर में खून को गाढ़ा करने और गर्भावस्था में रक्तस्त्राव को रोकने में मदद करता है। विटामिन ‘के’ आपको केले, अंकुरित अनाज, हरी प्याज, पत्ता गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियों, सरसों के साग, मूली, गेहूं, चुकंदर, जैतून तेल, लाल मिर्च व जूस निकालने लायक सभी फलों से मिल सकता है।
     
  2. फोलिक एसिड युक्त आहार – शिशु की गर्भनाल को स्वस्थ रखने के लिए इस अवधि में आपको फोलिक एसिड युक्त आहार लेना चाहिए। यह गर्भवती और पेट में पल रहे शिशु के शरीर में रक्त की कमी को दूर करता है। फोलिक एसिड के लिए ओटमील, पत्ता गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां व फलों में स्ट्रॉबेरीज व संतरे का सेवन कर सकती हैं।
     
  3. जिंक युक्त आहार – आपको इस अवस्था में जिंक युक्त आहार का भी सेवन रोजाना करना चाहिए। इससे बच्चा स्वस्थ रहेगा और उसका विकास भी ठीक से होगा। यही नहीं इससे आपका प्रसव भी आसानी से होगा। जिंक युक्त आहार के लिए आप आहार में दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, चौलाई का साग, काले चने, पुदीना, फलियां, मेवे, सोया, अंडे व सभी दुग्ध उत्पाद को शामिल कर सकती हैं।
     
  4. प्रोटीन, खनिज और आयरन युक्त आहार – तीसरी तिमाही में गर्भवती के लिए खनिज  और ऊर्जा की प्रचूर मात्रा बहुत जरूरी है। इसके अलावा आपको प्रोटीन व आयरन युक्त आहार भी रोजाना लेना चाहिए। इससे आप व शिशु स्वस्थ रहेंगे। खनिज के लिए आप बादाम, अखरोट, खजूर व किशमिश आदि को शामिल करें। आयरन के लिए आपको अपने आहार में पालक, सरसों का साग, मेथी, बथुआ व अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। अगर आप मांसाहारी हैं, तो मटन और चिकन (बिना चर्बी वाला मांस) भी खाएं। इससे आपको अधिक मात्रा में आयरन व प्रोटीन मिलेगा।
     
  5. कैल्शियम व विटामिन युक्त भोजन – पेट में पल रहे शिशु के हड्डियों के विकास के लिए तीसरी तिमाही में कैल्शियम व विटामिन युक्त आहार काफी जरूरी है। आपको रोजाना दूध, पनीर, दही व छाछ लेना चाहिए। इसके अलावा बादाम, संतरा, हरी सब्जियां, मक्का, जौ व बाजरा आदि का सेवन भी आपको कैल्शियम देता है।
     
  6. ओमेगा-3 युक्त आहार –  तीसरी तिमाही में इसका सेवन बहुत जरूरी है। दरअसल यह बच्चे के मस्तिष्क के विकास के साथ-साथ मांसपेशियों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ओमेगा-3 के लिए आप आहार में राई का तेल, अलसी के बीज, सोयाबीन, राजमा, काला चना, मेथी के बीज, सहजन फली, अखरोट, सफेद लोबिया व खोया आदि को शामिल करें। अगर आप मांसाहारी हैं, तो आहार में चिकन और सैल्मन फिश भी ले सकती हैं। इनमें भी ओमेगा-3 बड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं।

 

प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में क्या नहीं खाएं? /  Foods to avoid in Third trimester of pregnancy In Hindi

जैसा कि आप ऊपर पढ़ चुके हैं कि तीसरी तिमाही कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे में आपको खुद का व अपने आहार का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। गलत खान-पान आपको नुकसान पहुंचाएगा। ऐसे में जरूरी है कि आप इस अवस्था में कुछ आहार का परहेज करें। जिन आहारों का सेवन आपको इस दौरान नहीं करना चाहिए, वह इस प्रकार हैं।

  1. कच्चा अंकुरित आहार – गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कच्चा अंकुरित भोजन नहीं खाना चाहिए। इसे पका कर ही खाएं। कच्चा खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। इससे आपको व बच्चे को दोनोंको नुकसान पहुंचा सकता है।
     
  2. क्रीम दूध का पनीर – इस अवस्था में क्रीम वाले दूध का पनीर खाने से भी परहेज करना चाहिए। दरअसल क्रीम वाले दूध में लिस्टेरिया नाम का बैक्टीरिया होता है, जो आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
     
  3. कच्चा व अधपके अंडे से भी दूर रहें – तीसरी तिमाही में कच्चे अंडे का सेवन भी आपको नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल अंडा पूरी तरह पका न हो तो इससे सालमोनेला इन्फेक्शन होने का डर रहता है, जिससे आपको उल्टी व दस्त जैसी समस्या हो सकती है।
     
  4. कच्चा पपीता – इस बात का ध्यान जरूर रखें कि इस अवस्था में कच्चा पपीता न खाएं। कच्चे पपीते के सेवन से आपके भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है।
     
  5. कच्चे मांस से भी दूर रहें – कच्चा या अधपका मांस भी इस अवस्था में आपके लिए फायदेमंद नहीं है। यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी वजह से आप टॉक्सोपलॉस्मोसिस की चपेट में आ सकती हैं।

 क्योंकि तीसरी तिमाही आपकी प्रेग्नेंसी का अंतिम दौर है, इसलिए इसमें आपको सभी प्रकार की सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर आहार संबंधी सावधानी तो अतिआवश्यक है। इससे आपका बच्चा व आप स्वस्थ रहेंगे।

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