• लॉग इन करें
  • |
  • रजिस्टर
खाना और पोषण

ओलिव ऑयल या घी में बच्चे के लिए बेहतर कौन ?

Leena Jha
1 से 3 वर्ष

Leena Jha के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 20, 2019

ओलिव ऑयल या घी में बच्चे के लिए बेहतर कौन

खानों में घी का खास महत्व है। घी ना सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। वहीं खाने से जुड़ा एक और तेल है, जो घी की तरह लोकप्रिय तो नहीं, लेकिन सेहत व शरीर के लिए शायद घी से भी ज्यादा फायदेमंद है। जी हां ओलिव ऑयल या जैतून के तेल के नाम से मशहूर इस तेल में कई औषधीय गुण हैं, जो कई बीमारियों को दूर करता है।

बच्चे के लिए क्या है बेहतर - ओलिव ऑयल और घी ?/ Which One is Better Olive Oil Or Ghee in Hindi

अब सवाल ये उठता है कि आखिर जैतून का तेल बेहतर है या घी। इसका जवाब बहुत मुश्किल है। दोनों ही अपनी जगह खास और फायदेमंद हैं। दोनों से ही शरीर और स्वास्थ्य को काफी लाभ होता है। हालांकि कुछ वजहों से जैतून का तेल घी पर भारी पड़ता है। जैसे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए जैतून का तेल काफी फायदेमंद है। इसके अलावा इसका कम कीमत पर मिलना भी इसे घी से बेहतर साबित करता है। यह त्वचा के लिए फायदेमंद तो माना जाता है, लेकिन त्वचा पर इसके साइड इफेक्ट्स भी बहुत पड़ते हैं। वहीं बात घी की करें, तो घी भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इससे भी शरीर की कई समस्याएं खत्म होती हैं, लेकिन इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स हैं। ऐसे में ये कहना मुश्किल है कि जैतून का तेल व घी में सबसे बेहतर कौन है। दोनों ही अलग-अलग जगहों पर खास हैं, दोनों के ही काफी फायदे हैं, साथ ही दोनों के साइड इफेक्ट्स भी हैं। इस स्थिति में बेहतर है कि दोनों से मिलने वाले फायदे को जानकर आप इनका इस्तेमाल अपनी जरूरत के हिसाब से करें।

जैतून के तेल के फायदे/ Benefits Of Olive Oil in Hindi

  1. जैतून के तेल में वसा की मात्रा कम होती है, जिससे शरीर में कॉलेस्टेरोल की मात्रा को भी संतुलित बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है।
     
  2. जैतून के तेल में एंटी-ऑक्सिडेंट की मात्रा भी काफी होती है। इसमें विटामिन ए, डी, ई, के और बी-कैरोटिन की मात्रा अधिक होती है। इससे कैंसर से लड़ने में आसानी होती है। इसके अलावा यह मानसिक विकार को दूर करता है।
     
  3. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध के अनुसार जैतून का तेल आंत में होने वाले कैंसर से बचाव करने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
     
  4. जैतून के तेल में कैल्शियम की मात्रा काफी अधिक होती है, इसलिए भोजन में इसका यूज या अन्य तरीकों से इसे आहार में लेने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात मिलती है।
     
  5. जैतून के तेल में संतृप्त वसा लगभग न के बराबर होता है, जिससे यह आपके शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। साथ ही इसे खाने से बॉर्डर लाइन डायबीटिज होने का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
     
  6. लंबे समय तक जैतून के तेल को आहार में शामिल करने पर यह शरीर में मौजूद वसा को खुद ही कम करने लगता है। इससे आपका मोटापा कम होता है।
     
  7. विटामिन ए, बी, सी, डी और ई के साथ-साथ जैतून के तेल में आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स भी पर्याप्त मात्रा में होता है, जो बालों को कोमलता और मजबूती प्रदान करता है।
     
  8. इसके अलावा यह तेल त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद है। रोज इसके मसाज से चेहरे की झुर्रियां समाप्त होती है।
     
  9. अगर बच्चा बहुत कमजोर है, तो जैतून के तेल से सही मालिश करें। इससे शरीर में ताकत आती है और त्वचा को पोषण मिलता है।

जैतून तेल के नुकसान/ Losses of Olive Oil in Hindi

अभी आपने जाना कि जैतून तेल के फायदों के बारे में लेकिन इसके ज्यादा उपयोग करने के कुछ नुकसान भी हैं।

  1. त्वचा पर जैतून के तेल के ज्यादा यूज से मुंहासे हो सकते हैं। अगर आपकी तेलीय त्वचा है, तो आपको जैतून का तेल इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
     
  2. जैतून का तेल ड्राइ स्किन के लिए अच्छा विकल्प नहीं है। जैतून के तेल में मौजूद ओलिक एसिड त्वचा की प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग क्षमता को खत्म करता है।
     
  3. एलर्जी की समस्या होने पर जैतून के तेल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। नहीं तो समस्या और बढ़ सकती है।
     
  4. जैतून के तेल को लगाने से चेहरे पर चमक आती है, लेकिन ऑयली स्किन वाले जब इसका यूज करते हैं तो रेशेज निकलने लगता है।

देसी घी के फायदे बच्चे के लिए?/ Benefits Of Desi Ghee in Hindi

वहीं बात घी की करें, तो घी भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इससे भी शरीर की कई समस्याएं खत्म होती हैं।यहाँ जानें इनके बारे में...

  1. रोजाना एक चम्मच देसी घी खाने से दिल स्वस्थ रहता है। यह दिल की नलियों को ब्लॉक होने से बचाता है।
     
  2. घी में एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाए रखता है। इससे स्किन मुलायम और चमकदार बनती है।
     
  3. घी में विटामिन के2 होता है, जो हड्डियों को कैल्शियम पहुंचाता है। रोजाना घी खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं।
     
  4. इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है, यह हेल्दी तरीके से वजन बढ़ाता है।
     
  5. घी के रोजाना सेवन से शरीर में बाइलरी लिपिड का फ्लो बढ़ता है। इससे ब्लड और आंतों में मौजूद खराब कोलेस्टॉल कम हो जाता है।
     
  6. घी का रेगुलर इस्तेमाल इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक होता है। इसे रोजाना डाइट में लेने से मेटाबॉल्जिम सही तरीके से काम करता है। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है और बॉडी इन्फेक्शन और बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है। [जानिए - कितना घी उचित है आपके बच्चे के लिए गर्मियों में ?]
  7. गाय का घी 2-3 बूंद नाक में डालने से माइग्रेन का दर्द कम होता है।

घी का ज्यादा सेवन करने के भी हैं नुकसान/ Losses Caused By Ghee in Hindi

किसी भी खाद्य पदार्थ का अधिक मात्रा में सेवन करना नुकसानदेह साबित हो सकता है। घी खाने के जहां बहुत सारे फायदे हैं वहीं पर कुछ नुकसान भी हैं।

  1. पीलिया, हेपेटाइटिस, फैटी लीवर बदलाव के दौरान घी का यूज करने से बचना चाहिए।
     
  2. ज्यादा घी अपच और दस्त का कारण बन सकता है।
     
  3. सर्दी और कफ के दौरान घी का इस्तेमाल करने से हालत और खराब हो सकती है।
     
  4. अमिश्रित घी पित्त की स्थिति में नहीं लेना चाहिए। खासतौर पर जब पित्त अमा से जुड़ा हो। इस स्थिति में घी लेने पर पीलिया हो सकता है।
     
  5. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए लेबर पेन से पहले तक तो घी फायदेमंद है, लेकिन प्रेग्नेंस की शुरुआत में ये घातक हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के शुरू के कुछ महीनों में घी खाने से बचें।
     
  6. घी को कभी शहद के साथ न खाएं।

 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 1
कमैंट्स()
Kindly Login or Register to post a comment.

| Aug 16, 2019

p 6

  • रिपोर्ट
+ ब्लॉग लिखें

Always looking for healthy meal ideas for your child?

Get meal plans
Loading
{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}

{{trans('web/app_labels.text_Heading')}}

{{trans('web/app_labels.text_some_custom_error')}}