स्वास्थ्य गर्भावस्था

क्यों होता है सर्दी के मौसम में गर्भ धारण में जेस्टेशनल डायबिटीज(गर्भावस्था मधुमेह) का खतरा ?

Prasoon Pankaj
गर्भावस्था

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Dec 05, 2018

क्यों होता है सर्दी के मौसम में गर्भ धारण में जेस्टेशनल डायबिटीजगर्भावस्था मधुमेह का खतरा

गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज को जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावधि मधुमेह) के नाम से जाना जाता है। जेस्टेशनल डायबिटीज गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है लेकिन उचित देखभाल और  डॉक्टरी परामर्श के साथ इससे होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। अभी सर्दी का मौसम चल रहा है और इस मौसम में आपको विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। आज हम आपको सर्दी के मौसम और प्रेग्नेंसी से संबंधित एक स्टडी के बारे में बताने जा रहे हैं। साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड की रिसर्च में सामने आया कि जो महिलाएं सर्दी के मौसम में गर्भ धारण करती हैं उनको प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज होने का खतरा अधिक रहता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड ने अपनी इस स्टडी में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में हुए 60 हजार से ज्यादा बच्चों के जन्म से जुड़े आंक़ड़ों के आधार पर ये निष्कर्ष निकाला है हालांकि हम आपको ये भी बता दें कि ये इस तरह की दुनिया में पहली स्टडी है।

 

रिसर्च क्या कहती है सर्दी के मौसम में गर्भ धारण के बारे में / Are The Pregnant Mothers More Prone To Diabetes During Winter Season in Hindi ?

  1. सर्दी में गर्भ धारण करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान गेस्टेशनल डायबिटीज होने का ज्यादा खतरा- स्टडी
     
  2. साल 2016 की इस स्टडी के मुताबिक 6.6 फीसदी महिलाओं के जेस्टेशनल डायबिटीज पाई गई जिन्होंने सर्दी में गर्भ धारण किया
     
  3. गर्मी के मौसम में गर्भ धारण करने वाली महिलाओं में आंकड़ा महज 4.5 फीसदी रहा
     

शीतकालीन गर्भावस्था में शुगर(मधुमेह) में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए / What to Take Care in Gestational Diabetes During Winter in Hindi

प्रेगनेंसी के दौरान डायबिटीज होने की स्थिति में ब्लड शुगर पर कंट्रोल नहीं रह पाता। इस तरह की परिस्थिति में मां का वजन बढ़ जाना, शिशु का समय से पहले जन्म, ब्लड शुगर के स्तर का घट जाना इत्यादि समस्याएं हो सकती हैं।

  • आमतौर पर देखा गया है कि प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में ही डायबिटीज हो जाती है लेकिन कई परिस्थितियों में अंतिम चरण में भी हो सकती है। समय-समय पर अपना ब्लड टेस्ट कराते रहें और डॉक्टर के संपर्क में बने रहें।
     
  • प्रेग्नेंसी के दिनों में आपको अपने आहार पर सबसे ज्यादा फोकस करने की आवश्यकता होती है। फल, सब्जियां, साग, इत्यादि का सेवन करें लेकिन कोल्ड ड्रिंक्स, पेस्ट्री केक और चीनी युक्त आहार का सेवन करने से बचें। सर्दी के मौसम में  ग्रीन टी, लेमन टी, ब्लै‍क टी या फिर तुलसी की चाय पीने से भी लाभ मिलेगा। इस मौसम में आंवला, तुलसी, हल्दी, काली मिर्च इत्यादि खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी फायदा पहुंचेगा।
     
  • एक्सरसाइज करना आपके लिए सबसे अच्छा रहेगा। सुबह के समय में वॉक जरूर करें। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक हल्का-फुल्का व्यायाम करने से भी आप फिट महसूस करेंगी। किसी भी तरह के एक्ससाइज को शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लिया करें।
     
  • सबसे जरूरी बात ये कि आप इस दौरान खुद को तनावमुक्त रखें। अगर प्रेगनेंसी के दौरान आपको डायबिटीज हो गया है तो ये आपके होने वाले बच्चे को भी हो जाएगी इस तरह की गलतफहमियां मन में कभी नहीं पालें। ये वैसी बीमारी बिल्कुल नहीं है जो आपके होने वाले बच्चे को भी हो जाएगी।

 

अपने ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित रूप से शुगर लेवल की जांच कराते रहें। संतुलित भोजन, व्यायाम और अपने डॉक्टर के द्वारा बताए  शुगर की जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और डॉक्टर के बताएं गए उपायों पर ध्यान दें। सब अच्छा होगा..

 

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