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Momo Whatsapp Challenge के खतरे से अपने बच्चे को ऐसे बचाएं

Prasoon Pankaj
सभी आयु समूहों

Prasoon Pankaj के द्वारा बनाई गई
संशोधित किया गया Aug 08, 2018

Momo Whatsapp Challenge के खतरे से अपने बच्चे को ऐसे बचाएं

 ब्लू व्हेल गेम के बाद अब Momo WhatsApp Challenge सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी के साथ अपना पैर पसार रहा है। आज के समय में अधिकांश बच्चे सोशल मीडिया के विभिन्न टूल्स से जुड़े होते हैं खास तौर पर व्हाट्सएप तो हर किसी के मोबाइल में होता है। आपके बच्चे भी व्हाट्सएप यूज करते होंगे तो इस ब्लॉग को गौर से पढिए।आखिर WhatsApp Momo Challenge की सच्चाई क्या है और क्या हैं इसके खतरनाक इरादे सबसे बड़ी बात की आप अपने बच्चे को कैसे इस सोशल इंजीनियरिंग स्कीम के चंगुल में फंसने से बचा सकते हैं इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए इस ब्लॉग को जरूर पढ़ें।

Momo WhatsApp क्या है ? / What is Momo Whatsapp In Hindi

 

  1. अगर आपको याद हो तो Momo WhatsApp भी बिल्कुल ब्लू व्हेल चैलेंज जैसा ही है। ब्लू व्हेल चैलेंज साल 2016 में काफी वायरल हुआ था
  2. व्हाट्सएप पर एक नंबर बड़ी तेजी के साथ वायरल हो रहा है जिसको  Momo WhatsApp  बताया जा रहा है 
  3. सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सएप कॉन्टैक्ट शेयर किया जा रहा है जिसका एरिया कोड जापान का है 
  4. इस कॉन्टैक्ट नंबर को सेव करते ही एक बड़ी और डरावनी आंखों वाली लड़की की फोटो आती है
  5. बताया जा रहा है कि जो कोई इस प्रोफाइल के नंबर से बात करता है वो धीरे-धीरे सुसाइड की तरफ कदम बढ़ाने लगता है 
  6. अभी हाल ही में अर्जेंटीना में 12 साल की एक लड़की के खुदकुशी को Momo WhatsApp Challenge से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

मोमो वाट्सऐप को ‘Blue Whale Challenge’ जैसा ही बताया जा रहा है। हम आपको बता दें कि मोमो प्रोफाइल को सबसे पहले फेसबुक पर देखा गया था जिसके बाद कई लोगों ने इस प्रोफाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया। मोमो व्हाट्सएप की प्रोफाइल में जो इमेज है वो साल 2016 में जापान के एक संग्रहालय में प्रदर्शित की गई एक प्रतिमा से मिलता जुलता है। मोमो व्हाट्सएप को कॉन्सिपिरेथी थ्योरी कहा जाता है जिसका लक्ष्य लोगों के दिलों में डर पैदा करना है। लैटिन अमेरिकी देशों में मोमो व्हाट्सएप ने लोगों की नींद उड़ा कर रख दिया है।  

DFNDR Lab की डायरेक्टर इमिलियो सिमोनी ने इस बारे में लिखा है - ''सोशल मीडिया साइट्स पर ये कॉन्टेक्ट नंबर वायरल होने के बाद कई लोगों ने ठीक ऐसी ही प्रोफाइल बना लिए हैं. जिससे खतरा और बढ़ता जा रहा है.'' लैब के सेक्यूरिटी एक्सपर्ट्स ने मोमो नंबर सेव करके बात करने की कोशिश की. लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. ऐसे में पता करना मुश्किल है कि आखिर असली क्रिएटर कौन है। दरअसल इस तरह की चीजों को देखकर सबसे ज्यादा बच्चे ही आकर्षित होते हैं और यही वजह है कि इस तरह की नई सोशल इंजीनियरिंग स्कीम बच्चों को सबसे ज्यादा शिकार बनाते हैं। ब्लू व्हेल गेम के साथ भी ऐसा कुछ देखने को मिला जब इस गेम के चक्कर में फंसकर कई बच्चों ने अपनी जान गंवा दी। 

क्या कहते हैं साइबर एकस्पर्ट/What Cyber Experts Say In Hindi

हालांकि साइबर एक्सपर्ट्स की माने तो Momo WhatsApp Challenge किसी तरह का गेम नहीं है बल्कि एक तस्वीर के माध्यम से लोगो की व्यक्तिगत जानकारी चोरी करने के लिए इसको यूज किया जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट रीतेश भाटिया ने Momo WhatsApp Challenge की सच्चाई का पता लगाने के लिए जापान, कोलंबिया और मेक्सिको के व्हाट्सएप ग्रुप से संपर्क करने का प्रयास किया। रीतेश भाटिया  ने दावा किया है कि Momo WhatsApp Challenge के सारे नंबर इनेक्टिव पाए गए। साइबर एकस्पर्ट रीतेश बताते हैं कि मोमो व्हाट्सएप ना तो किसी प्रकार का चैलेंज है और ना ही कोई गेम। ये बस एक फरेब है। कुछ शरारती लोग इस इमेज का इस्तेमाल कर लोगों के बीच भय का माहौल बनाना चाहते हैं। इस तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और अगर कोई डराने के लिए मैसेज भेजता है तो उसको तत्काल ब्लॉक कर देना चाहिए। पिछले महीने ही मेक्सिको की पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा था कि Momo WhatsApp Challenge का असली उद्देष्य लोगों के व्यक्तिगत जानकारी को हासिल करना है।

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बच्चे को Momo WhatsApp Challenge की अफवाहों से  दूर रखने के लिए अपनाए ये उपाय/ Precautions to Keep Child Away From Momo WhatsApp in Hindi

आगे हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपने बच्चे को इस खतरे से बचा सकते हैं। इसके लिए आपको बस थोड़ी एहतियात बरतने की जरूरत है।   

  1. अपने कॉन्टैक्ट लिस्ट में उन्हीं नंबर को सेव करें जो आपके परिचित हों
  2. बच्चों के फोन में पेटर्न लॉक करके रखे और जिनको आप जानते ना हों उनसे नंबर एक्सचेंज ना करें
  3. सिर्फ उन्ही व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हों जिस ग्रुप के एडमिन से आप भली भांति परिचित हों और ग्रुप में शामिल होने के बाद सभी सदस्यों से आपका परिचय भी कराया जाए
  4. कई बार ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप में भी आपको शामिल कर दिया जाता है जहां के सदस्यों और एडमिन को आप अच्छे से जानते भी नहीं हैं। होता ये है कि कई बार हम लोग ग्रुप को म्यूट करके छोड़ देते हैं लेकिन जब बच्चे हमारे मोबाइल को देखते होते हैं तो वे जाने-अनजाने में इस तरह के ग्रुप के चैट को भी पढ़ लेते हैं। 
  5. अगर आप खुद किसी ग्रुप के एडमिन हैं तो सबसे पहले ग्रुप की सेटिंग्स में जाकर ये बदलाव कर लें कि सिर्फ एडमिन ही उसमें पोस्ट कर सकता है। ऐसा करके आप अनवांटेड मैसेज से बचे रह सकते हैं
  6. अपने बच्चे की सोशल मीडिया एकाउंट पर नजर बनाए रखें। वे क्या शेयर कर रहे हैं इसका खास ख्याल रखें
  7. अगर आपके बच्चे ने सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर शेयर कर रखा है तो तत्काल इसको हटा लें क्योंकि इसके माध्यम से कोई भी आसानी से आपके बच्चे का फोन नंबर ले सकता है
  8. अपने फोन और बच्चे के फोन को एंटी वायरस से प्रोटेक्ट कर लें। इससे फायदा ये होगा कि जब कभी आप किसी लिंक को ओपेन करेंगे तो पॉप अप आ जाएगा। इसके अलावा ये आपके व्हाट्सएप, एसएमएस और फेसबुक मैसेंजर को भी प्रोटेक्ट करता है।
  9. अपने बच्चे के मोबाइल को समय-समय पर जरूर चेक करें और ये जानने का प्रयास करें कि उसने अपने मोबाइल में किस तरह के गेम्स और एप्स को डाउनलोड कर रखा है। 

आपका एक सुझाव हमारे अगले ब्लॉग को और बेहतर बना सकता है तो कृपया कमेंट करें, अगर आप ब्लॉग में दी गई जानकारी से संतुष्ट हैं तो अन्य पैरेंट्स के साथ शेयर जरूर करें।

  • 4
कमैंट्स()
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| Aug 06, 2018

well done

  • रिपोर्ट

| Aug 02, 2018

nice information.... thank you

  • रिपोर्ट

| Aug 01, 2018

Very nice information. Well done parentune

  • रिपोर्ट

| Aug 01, 2018

Thank you for sharing this informative blog. This is really important hum parents ke liye.

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